निजाम की फौज ने मां को जलाया था जिंदा
- 1947 में देश आजादी का जश्न मना रहा था, लेकिन खरगे के गांव वरवट्टी में हैदराबाद के निजाम का शासन था। हैदराबाद का विलय बाकी था और उत्साहित भारतीयों ने तिरंगे लहराने शुरू कर दिए। तिरंगा फहराने पर निजाम की सेना व रजाकारों ने वरवट्टी में हमला कर दिया।
- रजाकार यानी मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन की बनाई इस्लामी कट्टरपंथियों की नागरिक सेना।
- हमला होते ही 5 साल के खरगे को लेकर उनके पिता मापन्ना जंगल की ओर भागे, पर उनकी मां साईबववा पीछे छूट गई। रजाकारों ने उनकी मां को जिंदा जला दिया। इस क्रूर घटना के बावजूद मापन्ना ने हिम्मत नहीं हारी, अगले 3 महीने जंगल में गुजारे। किसी प्रकार नजदीकी निबुंर पहुंचे और रिश्तेदारों के पास परिवार को रखा। फिर गुलबर्गा आए और मजदूरी कर परिवार पाला।
- 1948 में निजाम के आत्मसमर्पण और रजाकारों की सेना भंग होने पर हालात सामान्य हुए तो मापन्ना ने कपड़ा मिल में नौकरी की। मेहनत-मजदूरी से जीवन को पटरी पर लाए। तय किया कि मल्लिकार्जुन कम उम्र में काम न करे, बल्कि पढ़े। नतीजतन, बेटा वकील बना।
मुफलिसी से शीर्ष तक
- 21 जुलाई, 1942 को बीदर जिले के वारावट्टी गांव के गरीब परिवार में जन्म।
- गुलबर्गा से स्कूली शिक्षा। स्कूल में हेड बॉय चुने गए। एलएलबी। वकालत भी की।
- श्रमिक यूनियनों के केस लड़कर लोकप्रिय हुए।
- बौद्ध धर्मावलंबी। सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट के अध्यक्ष। ट्रस्ट ने कलबुर्गी में बुद्ध विहार कॉम्प्लेक्स बनाया
- दो बेटियां जयश्री व प्रियदर्शिनी और तीन बेटे मिलिंद, राहुल व प्रियांक हैं। प्रियांक विधायक हैं, कर्नाटक में मंत्री रहे हैं। मिलिंद डॉक्टर हैं।
पार्टी में बदलाव का दौर शुरू : थरूर
खरगे ने जैसे ही कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव जीता, उनके प्रतिद्वंद्वी शशि थरूर ने हार स्वीकारते हुए कहा कि लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा ने पार्टी के सभी स्तरों पर जीवंतता पैदा कर दी है। बदलाव को लेकर एक स्वस्थ और रचनात्मक चर्चा शुरू हुई है, जो कि भविष्य में पार्टी के लिए बेहतर साबित होगी। थरूर ने दावा किया, कांग्रेस का पुनरुद्धार शुरू हो गया है। उन्होंने कहा, उनके और खरगे के मुकाबले से पार्टी और मजबूत हुई है।
थरूर ने कहा, नेहरू-गांधी परिवार का कांग्रेस पार्टी के सदस्यों के दिलों में विशेष स्थान है और हमेशा रहेगा। मेरा विश्वास है कि गांधी परिवार कांग्रेस का आधार स्तंभ है। हमेशा हमारी नैतिक अंतरात्मा और अंतिम मार्गदर्शक बना रहेगा। आंतरिक पार्टी लोकतंत्र के सच्चे उत्सव में कांग्रेस के 9,500 से अधिक प्रतिनिधियों ने पार्टी अध्यक्ष पद के चुनाव में वोट डाला है।
थरूर ने कहा, नए अध्यक्ष वरिष्ठ हैं, जिनके पास पर्याप्त अनुभव है। विश्वास है, उनके मार्गदर्शन में सामूहिक रूप से पार्टी को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं। सोनिया गांधी के योगदान की सराहना करते हुए थरूर ने कहा कि पार्टी उनके लगभग 25 वर्षों के नेतृत्व के और हमारे सबसे अहम क्षणों के दौरान हमारी ताकत बने रहने के लिए ऋणी रहेगी।
थरूर की चुनाव टीम ने लगाए गड़बड़ी के आरोप, कहा- यूपी, पंजाब व तेलंगाना के वोट हों रद्द
कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए शशि थरूर की प्रचार टीम ने यूपी, पंजाब और तेलंगाना के वोट रद्द करने की मांग की। प्रचार टीम ने पार्टी हाईकमान से शिकायत करते हुए एक पत्र लिखा। हालांकि इसके मीडिया में लीक होने से शीर्ष नेतृत्व काफी नाराज भी हुआ। कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री ने पार्टी मुख्यालय में हुई प्रेस काॅन्फ्रेंस में कहा, अगर कोई आपत्ति थी, इसकी शिकायत वाला पत्र मीडिया में लीक नहीं होना चाहिए था। नए अध्यक्ष का एलान करने के बाद मिस्त्री ने कहा, थरूर की टीम का पत्र मीडिया में लीक नहीं होना चाहिए था। थरूर की टीम को सीधे चुनाव प्राधिकरण के पास आकर अपनी बात कहनी चाहिए थी।
मिस्त्री ने पत्र में लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। मिस्त्री को लिखे पत्र में थरूर के मुख्य चुनाव एजेंट सलमान सोज ने कहा, उत्तर प्रदेश में जो कुछ देखा गया है वह ‘आपके कार्यालय’ के अधिकार के साथ-साथ कांग्रेस अध्यक्ष और कांग्रेस कार्यसमिति के स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के आदेशों की अवमानना के लिए एक खुली चुनौती है। ये तथ्य ‘हानिकारक’ हैं और उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रक्रिया विश्वसनीयता और अखंडता से रहित है। मतदान एजेंटों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद हमारी टीम परेशान करने वाले तथ्यों की रिपोर्ट करने के लिए बाध्य है।
ये अनियमितताएं गिनाईं
उत्तर प्रदेश में थरूर की टीम ने जो अनियमितताएं गिनाईं उनमें मतपेटियों के लिए अनौपचारिक मुहरों का उपयोग, मतदान केंद्रों में अनौपचारिक व्यक्तियों की उपस्थिति, मतदान कदाचार, मतदान सारांश पत्र न होना, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के प्रभारी सचिवों की उपस्थिति शामिल है।
इस चुनाव को निष्पक्ष कैसे मानें
- थरूर की टीम ने पत्र में लिखा, अगर जो कुछ यूपी में हुआ उसे उचित ठहराया जाता है तो कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष कैसे माना जा सकता है। हम मांग करते हैं कि उत्तर प्रदेश के सभी वोट अवैध माने जाएं।
- थरूर की टीम ने कहा, उसे इस चुनाव में मतदाता धोखाधड़ी का संदेह है। आरोप लगाया कि ऐसे प्रतिनिधि थे जो मतदान के दिन लखनऊ क्षेत्र में मौजूद नहीं थे मगर उनके वोट डाले गए।
- लोगों ने वोट नहीं डालने देने की भी शिकायत की थी कयोंकि कुछ लोगों ने उसने पहले ही उनके वोट डाल दिए।
- सोज ने आरोप लगाया, जब हमारे एजेंटों ने मतदाता कदाचार की शिकायत की, तो दूसरे पक्ष के समर्थक मतदान केंद्र के अंदर आ गए और हंगामा किया और हमारे मतदान एजेंटों को धमकाना शुरू कर दिया।
पत्र लीक होने पर दी सफाई
मिस्त्री को लिखी चिट्ठी लीक होने के बाद सोज़ ने ट्वीट किया, हमारी यूपी टीम से मिली शिकायतों के बाद सीईए के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री को तुरंत लिखा गया। यह एक मानक प्रकिया है। सीईए ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन भी दिया है। सोज के इस ट्वीट को साझा करते हुए थरूर ने ट्विटर पर लिखा, यह दुर्भाग्यपूर्ण था कि केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण को लिखा गया आंतरिक पत्र मीडिया में लीक कर दिया गया था। मुझे उम्मीद है सलमान सोज के इस स्पष्टीकरण से एक अनावश्यक विवाद समाप्त हो जाएगा। यह चुनाव कांग्रेस को मजबूत करने के लिए, बांटने के लिए नहीं था।
अध्यक्ष तय करेंगे, पार्टी कैसे आगे बढ़ेगी : राहुल
अदोनी (आंध्र प्रदेश)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि अब नए अध्यक्ष तय करेंगे कि पार्टी कैसे आगे बढ़ेगी। राहुल ने कहा, खरगे और थरूर अनुभवी व समझदार नेता हैं। जो भी चुने जाते हैं, उन्हें मुझसे सलाह की जरूरत नहीं है। वे तय करेंगे कि क्या करना है। राहुल ने कहा, हम एकमात्र दल हैं, जहां चुनाव होते हैं।