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मालेगांव नगर निगम: मेयर चुनाव से पहले अजब सियासी खेल, इस्लाम पार्टी के खिलाफ भाजपा-कांग्रेस का गठबंधन

Mon, 02 Feb 2026 01:07 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

महाराष्ट्र के मालेगांव नगर निगम में राजनीति ने नया मोड़ ले लिया है। आमतौर पर एक-दूसरे के कट्टर विरोधी माने जाने वाले भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव से पहले हाथ मिला लिया है। इस कदम से नगर निगम में सत्ता के समीकरण बदल सकते हैं।

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भाजपा और कांग्रेस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महाराष्ट्र के मालेगांव नगर निगम में सियासी समीकरण अचानक बदल गए हैं। आमतौर पर एक-दूसरे के कट्टर विरोधी माने जाने वाले भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव से पहले गठबंधन बना लिया है। इस कदम से नगर निगम में सत्ता के समीकरण बदलते हुए दिख रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के तीन और भाजपा के दो पार्षदों ने मिलकर एक नया स्वतंत्र गुट बनाया है, जिसका नाम ‘भारत विकास आघाड़ी’ रखा गया है। इस नए गुट की अगुवाई कांग्रेस पार्षद एजाज बेग करेंगे।

हालांकि नगर निगम चुनाव के नतीजे घोषित हो चुके हैं, लेकिन मेयर और उप-मेयर का चुनाव अभी होना बाकी है। इसी वजह से सभी दल अपने-अपने पक्ष में समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं और राजनीतिक जोड़-तोड़ तेज हो गई है।

84 सदस्यीय निगम में किसी के पास बहुमत नहीं

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बता दें कि मालेगांव नगर निगम में कुल 84 सदस्य हैं और फिलहाल किसी भी पार्टी के पास साफ बहुमत नहीं है। सीटों का गणित कुछ ऐसे है कि इस नगर निगम से सबसे बड़े पार्टी के तौर पर इस्लाम पार्टी सामने आई, जिसके पास 35 सीटें है। एआईएमआईएम के पास 21 सीटें, एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के पास 18 सीटें, समाजवादी पार्टी के पास 5 सीटें, कांग्रेस के पास 3 सीटें और भाजपा के पास 2 सीटें है। ऐसे में सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद इस्लाम पार्टी को मेयर बनाने के लिए दूसरे दलों के समर्थन की जरूरत होगी।

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मेयर पद महिला के लिए आरक्षित
मेयर का पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इस्लाम पार्टी प्रमुख और पूर्व विधायक आसिफ शेख इस पर अंतिम फैसला लेंगे। उनकी भाभी नसीरीन शेख को मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

कांग्रेस-भाजपा की दोस्ती ने बढ़ाई अटकलें
भाजपा और कांग्रेस के साथ आने से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि इस्लाम पार्टी को परोक्ष समर्थन मिल सकता है, खासकर डिप्टी मेयर के चुनाव में। वहीं एआईएमआईएम नेता और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने दावा किया है कि डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने मालेगांव समेत कुछ नगर निगमों में एआईएमआईएम से समर्थन मांगा था। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि हमारी पार्टी न तो भाजपा और न ही शिवसेना (शिंदे गुट) के साथ जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मालेगांव में शिंदे गुट को किसी भी हालत में समर्थन नहीं दिया जाएगा।

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पहले भी दिख चुका है ऐसा गठजोड़

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है कि जब भाजपा और कांग्रेस एक साथ गठबंधन की बात सामने आई हो। इससे पहले पिछले महीने चुनाव नतीजों के बाद भाजपा की स्थानीय इकाइयों ने अंबरनाथ में कांग्रेस और अकोट में एआईएमआईएम के साथ गठबंधन किया था। इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि ऐसे गठबंधन पार्टी नेतृत्व की मंजूरी के बिना हैं और पार्टी अनुशासन के खिलाफ हैं।

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