फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोर्ट से मालेगांव ब्लास्ट की अहम फाइलें हुईं गायब

Fri, 08 Apr 2016 04:42 AM IST
ब्यूरो, एजेंसी / अमर उजाला मुंबई
विज्ञापन
विज्ञापन
मालेगांव बम धमाके की कुछ अहम फाइलें रहस्यमय तरीके से गायब हो गई हैं। इन फाइलों में अहम गवाहों के इकबालिया बयान होने की बात कही जा रही है।  इससे महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। एनसीपी ने इस मुद्दे  को लेकर आरोप लगाया है कि राज्य सरकार ने जानबूझ कर इन फाइलों को गायब करवाया है, जिससे कि आतंकवादियों को बचाया जा सके।
विज्ञापन


  मालेगांव बम धमाके के बाद देश के इतिहास में पहली बार ‘हिंदू आतंकवादी’ शब्द का प्रयोग शुरू हुआ था। तत्कालीन केंद्रीय मंत्री व एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने इस ब्लास्ट का संबंध हिंदू आतंकवादियों से जोड़ा था। इस मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह और कर्नल पुरोहित को गिरफ्तार किया गया था।

बृहस्पतिवार को मालेगांव ब्लास्ट से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों के  गायब होने का मामला विधानसभा में गूंजा। एनसीपी विधायक जितेंद्र आव्हाड ने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझ कर फाइलें गायब करवाई हैं।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि इन कागजातों को सरकारी वकील रोहिणी सालियन ने एनआईए के वकील को सौंपे थे। एनसीपी विधायक दल के नेता जयंत पाटिल ने कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए। इस पर राजस्व मंत्री एकनाथ खडसे और संसदीय कार्य मंत्री गिरीश बापट ने आरोपों पर आपत्ति जताते हुए सदन को बताया कि फाइलें न्यायालय से गायब हुई हैं।

इसलिए इस मुद्दे पर यहां चर्चा नहीं की जा सकती। सारी फाइलें न्यायालय की कस्टडी में थी, इससे उसकी जानकारी तुरंत सदन को नहीं दी जा सकती। इसके बाद मामला शांत हुआ। यह मामला तब सामने आया था, जब विशेष अदालत के एक कर्मचारी ने रोहिणी सानियल के पास आकर पूछा था कि क्या उनके पास अहम गवाहों के बयान हैं। सानियल ने तब जानकारी दी कि बयानों की मूल प्रति अदालत में ही है। 

अहम गवाहों के बयान हुए हैं गायब
गायब हुई फाइलों में मालेगांव ब्लास्ट के कुछ अहम गवाहों के इकबालिया बयान गायब हुए हैं। मकोका अदालत से गायब हुए इन बयानों की फाइलों का पता लगाने के लिए सर्च अभियान शुरू कर दिया गया है।  
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें