उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में चीनी मिलें गन्ना किसानों का बकाया भुगतान नहीं कर पा रही हैं, जबकि सरकार ने बकाया चुकाने को मिलों के लापरवाह रवैये के चलते बफर स्टॉक पर सब्सिडी देने के लिए निर्यात की अनिवार्य शर्त रखी है। लेकिन मिलों द्वारा निर्यात को लेकर ज्यादा प्रयास नहीं किए गए। इसी वजह से सरकार को यह कदम उठाना पड़ रहा है।
न्यूनतम बिक्री मूल्य बढ़ाने की मांग
उत्तर प्रदेश से हाल ही में गन्ने का न्यूनतम बिक्री मूल्य बढ़ाने की मांग केंद्र सरकार के पास आई है। राज्य सरकार का कहना है कि न्यूनतम मूल्य को 29 रुपये से बढ़ाकर 32 रुपये कर दिया जाना चाहिए। मौजूदा समय चीनी का बाजार भाव 3,100 से 3,150 रुपये है और प्रति क्विंटन चीनी मिलों को रिकवरी के तौर पर 338 से 343 रुपये मिल रहे हैं। पिछले साल सरकार ने गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) बढ़ा दिया था। चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य 29 रुपये निर्धारित किया गया था।