महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री व भाजपा नेता कृपाशंकर सिंह ने यूपी के सेकंडरी व हायर सेकंडरी स्कूलों में मराठी को स्वैच्छिक भाषा के विकल्प के रूप में रखने की मांग की है।
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भाजपा नेता कृपाशंकर सिंह ने सीएम योगी को लिखे पत्र में कहा कि यदि मराठी यूपी की स्वैच्छिक भाषा होगी तो यूपी के विद्यार्थियों को महाराष्ट्र में बेहतर रोजगार प्राप्त करने में मदद मिलेगी। सिंह मूल रूप से यूपी के जौनपुर के रहने वाले हैं। वे 2004 में महाराष्ट्र की कांग्रेस सरकार में गृह राज्यमंत्री भी रह चुके हैं।
उन्होंने 2019 में कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने का समर्थन करते हुए कांग्रेस छोड़ दी थी। इसके बाद वे 2021 में भाजपा में शामिल हो गए थे। सिंह ने मुंबई में अंडरवर्ल्ड के सफाए के बड़े प्रयास किए थे। उन्होंने मराठी संस्कृति को अपना लिया है। वे फर्राटे से मराठी बोलते हैं और उनका मानना है कि जो भी मुंबई आता है उसे मराठी तौर तरीके अपनाने चाहिए। अच्छी मराठी बोलने के कारण सिंह मराठी भाषियों में भी बेहद लोकप्रिय हैं।
वे मुंबई में उत्तर भारतीयों का एक जाना पहचाना चेहरा हैं। उत्तर भारतीय समाज में सिंह गहरी पैठ रखते हैं। कांग्रेस ने पहली बार उन्हें विधान परिषद में भेजा। उसके बाद उन्हें विधानसभा का चुनाव लड़ाया। वे कलिना विधानसभा सीट से तीन बार कांग्रेस विधायक चुने गए। वे दिवंगत सीएम विलासराव देशमुख के बेहद करीबी रहे।