भारत में बने पहले सी-295 सैन्य विमान ने वडोदरा में सफल पहली परीक्षण उड़ान भरी है। भारतीय वायुसेना ने इसे आत्मनिर्भर भारत और बढ़ती स्वदेशी एयरोस्पेस क्षमता का प्रतीक बताया है। यह विमान 40 विमानों की उस श्रृंखला का हिस्सा है, जो भारत में बनाए जाएंगे और वायुसेना को सौंपे जाएंगे। पढ़िए रिपोर्ट-
भारत में बने पहले सी-295 सैन्य परिवहन विमान ने वडोदरा में फाइनल असेंबली लाइन से अपनी पहली सफल परीक्षण उड़ान पूरी कर ली है। इसे देश के विमानन और रक्षा क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
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आईएएफ ने दी बधाई
भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह भारत की बढ़ती एयरोस्पेस क्षमता को मजबूत करती है और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के तहत देश में रक्षा उत्पादन को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
40 विमानों की श्रृंखला का हिस्सा
यह विमान उन 40 सी-295 विमानों की श्रृंखला का पहला हिस्सा है, जिन्हें भारत में निर्मित किया जाना है। यह परीक्षण उड़ान उत्पादन के बाद की प्रक्रिया का एक अहम चरण है और इससे इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। योजना के अनुसार, इसी वर्ष पहला 'मेड इन इंडिया' सी-295 विमान वायुसेना को सौंपे जाने की तैयारी है।
मेक इन इंडिया की दिशा में बड़ा कदम
यह परियोजना 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत एक बड़ा कदम माना जा रहा है, क्योंकि यह पहली बार है जब किसी सैन्य विमान का निर्माण भारत में निजी क्षेत्र की भागीदारी से किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में एयरबस, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और कई भारतीय एमएसएमई शामिल हैं, जो देशभर में इसके विभिन्न पुर्जों का निर्माण कर रहे हैं।
एयरबस डिफेंस ने भारतीय वायुसेना, रक्षा मंत्रालय और भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि यह परियोजना भारतीय एयरोस्पेस के भविष्य को नई दिशा देने वाली साबित होगी।