ज्यादा पेंशन पाने के लालच में गलत जानकारी देने वाले एक रिटायर मेजर जनरल को अब कोर्ट मार्शल का सामना करना होगा। अधिकृत सूत्रों ने शनिवार को बताया कि उच्च दिव्यांग पेंशन पाने के लिए इस रिटायर मेजर जनरल ने कुछ तथ्य गलत बताए थे, जो सेना की जांच के दौरान पकड़े गए। इसके बाद ही कार्रवाई का निर्णय लिया गया है।
यह मेजर जनरल सैन्य प्रशिक्षण निदेशालय से अगस्त 2017 में रिटायर हुए थे। सूत्रों ने बताया कि रिटायर अधिकारी के खिलाफ आर्मी एक्ट के प्रावधानों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कोर्ट मार्शल में मेजर जनरल पर चार मुख्य आरोप लगाए गए हैं, जिनमें ज्यादा पेंशन पाने के लिए गलत जानकारी देना भी शामिल है।
बता दें कि यदि किसी सैन्य अधिकारी या सैनिक को नौकरी के दौरान किसी चोट के कारण दिव्यांग होना पड़ता है तो उसे अतिरिक्त पेंशन दी जाती है। यह अतिरिक्त पेंशन पूरी तरह कर मुक्त होती है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी मेजर जनरल ने सेना को दी गई जानकारी में दावा किया था कि साल 2010 में नौकरी के दौरान उन्हें एक एक्सीडेंट का सामना करना पड़ा था।