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भारत में बंद हो रहीं बड़ी ईसाई चैरिटी संस्थाएं

Thu, 09 Mar 2017 03:09 AM IST
amarujala.com {Presented by : अकरम}
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सांकेतिक चित्र
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विदेशी फंडिंग पर भारत की कड़ी कार्रवाई के चलते कई बड़ी ईसाई चैरिटी संस्थाएं देश में अपना संचालन बंद कर रही हैं। 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद देश में विदेशी फंड स्वीकार करने वाले करीब 11 हजार से भी अधिक एनजीओ के लाइसेंस खत्म हो चुके हैं। इससे देश में बड़ी संस्थाओं का दान रुक गया है। अमेरिका की बड़ी चैरिटी संस्थाओं ने इस बारे में ट्रंप प्रशासन को भी अवगत करा दिया है।
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जॉर्ज सोरस के ओपन सोसायटी फाउंडेशन और नेशनल एंडोमेंट फॉर डेमोक्रेसी समेत बड़े पश्चिमी फंड दाताओं को भी भारतीय सुरक्षा अधिकारियों की अनुमति के बिना वित्तीय स्थानांतरण प्रतिबंधित कर दिया गया है। हाल ही में अमेरिका के कोलोराडो स्थित एक क्रिश्चियन चैरिटी संस्था ने भी देश में अपने कार्यक्रम रोक दिए हैं। यह भारत की सबसे बड़ी दानदाता संस्था थी जो पिछले 48 वर्षों से देश में हजारों बच्चों को पौष्टिक भोजन, इलाज और ट्यूशन भुगतान आदि पर काम कर रही थी। 
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धर्मांतरण में शामिल होने का संदेह

सांकेतिक चित्र
विदेशी धन का प्रवाह रोककर इन अंतरराष्ट्रीय चैरिटी संस्थाओं के बंद होने का बड़ा कारण उनके धर्मांतरण में शामिल होने का संदेह, देश में बढ़ती राष्ट्रवाद की भावना और ऐसी संस्थाओं को देशहित के लिए हानिकारक मानना है। हालांकि इन संस्थाओं से जुड़े अधिकारी पुरजोर ढंग से उनकी फंडिंग के धर्मांतरण से जुड़े होने का खंडन करते हैं। कंपेशन इंटरनेशनल के सीईओ सेंटियागो मेलेडो ने कहा कि भारत ने उन्हें इस तरह के आरोपों को खारिज करने का अवसर ही नहीं दिया। उन्होंने इस बारे में इस सप्ताह ट्रंप प्रशासन को भी अवगत कराया है। 

भारत सरकार का प्रस्ताव न मानने पर रोकी गई थी फंडिंग
भारतीय गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस पर टिप्पणी से इनकार कर दिया, जबकि विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कंपेशन इंटरनेशनल के भागीदार देश में धार्मिक गतिविधियों में संलिप्त रहकर भारतीय कानून का उल्लंघन कर रहे थे। इसके अलावा कई विदेशी संगठनों ने सरकार द्वारा रखे गए धार्मिक संगठन के रूप में संस्थाओं के दोबारा पंजीकरण कराने के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया था। इसीलिए यह फंडिंग रोकी गई।
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