विदेशी फंडिंग पर भारत की कड़ी कार्रवाई के चलते कई बड़ी ईसाई चैरिटी संस्थाएं देश में अपना संचालन बंद कर रही हैं। 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद देश में विदेशी फंड स्वीकार करने वाले करीब 11 हजार से भी अधिक एनजीओ के लाइसेंस खत्म हो चुके हैं। इससे देश में बड़ी संस्थाओं का दान रुक गया है। अमेरिका की बड़ी चैरिटी संस्थाओं ने इस बारे में ट्रंप प्रशासन को भी अवगत करा दिया है।
जॉर्ज सोरस के ओपन सोसायटी फाउंडेशन और नेशनल एंडोमेंट फॉर डेमोक्रेसी समेत बड़े पश्चिमी फंड दाताओं को भी भारतीय सुरक्षा अधिकारियों की अनुमति के बिना वित्तीय स्थानांतरण प्रतिबंधित कर दिया गया है। हाल ही में अमेरिका के कोलोराडो स्थित एक क्रिश्चियन चैरिटी संस्था ने भी देश में अपने कार्यक्रम रोक दिए हैं। यह भारत की सबसे बड़ी दानदाता संस्था थी जो पिछले 48 वर्षों से देश में हजारों बच्चों को पौष्टिक भोजन, इलाज और ट्यूशन भुगतान आदि पर काम कर रही थी।