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आयकर रिटर्न फॉर्म में इस बार बड़े बदलाव, देनी होगी और जानकारी

Thu, 09 Jan 2020 04:47 AM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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करदाताओं की सहूलियत के लिए आयकर विभाग ने करीब चार महीने पहले ही आकलन वर्ष 2020-21 के लिए रिटर्न फॉर्म को नोटिफाई कर दिया है। इसमें विभाग ने बड़े स्तर पर बदलाव करते हुए करदाताओं से कई नई तरह की जानकारियां मांगी हैं। आयकर विभाग अमूमन किसी आकलन वर्ष का आईटीआर फॉर्म अप्रैल के पहले सप्ताह में जारी करता है। 

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करदाताओं की मांग पर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस बार चार महीने पहले जनवरी की शुरुआत में ही दो फॉर्म नोटिफाई कर दिए हैं। विभाग ने अभी आकलन वर्ष 2020-21 के लिए आईटीआर फॉर्म-1 सरल और आईटीआर-4 सहज फॉर्म को नोटिफाई किया है। अन्य फॉर्म भी जल्द करदाताओं के सामने आ जाएंगे। हालांकि, इन्हें अभी एक्टिवेट नहीं किया गया है।

मकान के संयुक्त मालिक तो भरें आईटीआर-2
आयकर विभाग ने बताया है कि सालाना 50 लाख रुपये से कम आय वाले व्यक्तिगत करदाता या अविभाजित हिंदू परिवार (एचयूएफ) अगर किसी मकान के संयुक्त रूप से मालिक हैं, तो अब वे आईटीआर-1 नहीं भर सकेंगे। दरअसल, कर बचाने के लिए आमतौर पर नौकरीपेशा दंपति संयुक्त रूप से किसी मकान को खरीदते हैं। इस पर बैंक से बड़ा कर्ज भी मिल जाता है। 2020-21 के लिए उन्हें आईटीआर-2 फॉर्म भरना होगा।
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देना होगा पासपोर्ट नंबर
आयकर विभाग ने आगामी आकलन वर्ष से जिन करदाताओं के पास पासपोर्ट है, उनके लिए रिटर्न फॉर्म में इसकी जानकारी देना अनिवार्य कर दिया है। यह नियम आईटीआर-1 और आईटीआर-4 के अलावा आने वाले सभी रिटर्न फॉर्म पर भी लागू होंगे।

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विदेश यात्रा का विवरण

अगर किसी करदाता ने वित्त वर्ष 2019-20 में परिवार के साथ विदेश यात्रा की है, तो उसे रिटर्न में ज्यादा जानकारियां देनी होंगी। इस यात्रा में अगर 2 लाख रुपये से ज्यादा खर्च आता है तो करदाता आईटीआर-1 फॉर्म नहीं भर सकेंगे। अगर ये करदाता आईटीआर-4 के दायरे में आते हैं, तो इन्हें खर्च की गई राशि का खुलासा करना होगा।

ज्यादा बिजली खपत का खुलासा
वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान किसी करदाता ने बिजली बिल पर 1 लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए हैं, तो वह आईटीआर-1 दाखिल नहीं कर सकेगा। ऐसे करदाता को आईटीआर फॉर्म-4 का इस्तेमाल करना होगा और उन्हें बिजली बिल पर खर्च राशि की जानकारी भी देनी होगी।

1 करोड़ से ज्यादा जमा पर सहज फॉर्म
आयकर विभाग के मुताबिक, किसी करदाता ने 2019-20 में किसी एक या ज्यादा बैंकों के चालू खाते में 1 करोड़ से ज्यादा राशि जमा की है, तो उन्हें भी आईटीआर फॉर्म-4 यानी सहज चुनना होगा। साथ ही वित्त वर्ष के दौरान जमा की गई कुल राशि का भी खुलासा करना होगा।
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