आबकारी विभाग के इतिहास में पहली बार एक आरोपी को विदेश से प्रत्यर्पित करके वापस लाया गया है। दरअसल, यह आरोपी 2023 में नशीले पदार्थों की बरामदगी के एक मामले में शामिल था। यह जानकारी शनिवार को आबकारी आयुक्त सीरम सांबाशिवा राव ने दी।
तिरुवनंतपुरम में 2023 में दर्ज एमडीएमए बरामदगी मामले के आठवें आरोपी, अट्टिपरा (तिरुवनंतपुरम) के रहने वाले शॉन सुनील ब्रेट (24) को विदेश में उसकी तलाश करने के प्रयासों के बाद अबू धाबी से वापस राज्य में लाया गया है।
अधिकारी ने क्या बताया?
राव ने पत्रकारों को बताया कि यह मामला 2023 में पुलिमथ के पास नेट्टा जंक्शन पर नशीले पदार्थों की बरामदगी से जुड़ा है, जब अधिकारियों ने लगभग 155 किलोग्राम गांजा और 70 ग्राम एमडीएमए जब्त किया था।
आयुक्त ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए, बाद में इसे आबकारी अपराध शाखा को सौंप दिया गया था। जांच के दौरान अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि ब्रेट फरार रहा और देश छोड़कर चला गया। राव ने बताया कि उसके खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी किया गया था।
आगे की जांच जारी
राव ने कहा, 'यह पहली बार है जब हम नशीले पदार्थों के मामले में किसी आरोपी को दूसरे देश से वापस ला रहे हैं। आबकारी विभाग द्वारा की गई यह अपनी तरह की पहली कार्रवाई भी है।' उन्होंने बताया कि इस बात की जांच चल रही है कि ब्रेट को गिरफ्तारी से बचने में किसने मदद की और उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्क क्या हैं।
आयुक्त ने कहा, 'उससे पूछताछ के बाद और अधिक जानकारी सामने आएगी।' आबकारी अधिकारियों ने बताया कि पिछले हफ्ते, एंटी-नारकोटिक्स एजेंसी ने भारतीय अधिकारियों को सूचित किया कि ब्रेट को इंटरपोल नोटिस के आधार पर हिरासत में लिया गया है।
आरोपी भारत कब आएगा?
अधिकारियों के अनुसार, इसके बाद राज्य सरकार ने विदेश मंत्रालय से संपर्क किया और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी की। अधिकारियों ने आगे बताया कि शनिवार सुबह एक उड़ान के जरिए आरोपी को तिरुवनंतपुरम लाया गया।