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Gujarat: गुजरात में बीएसएफ की बड़ी कार्रवाई, कोरी क्रीक क्षेत्र में नाव के साथ पकड़े 15 पाकिस्तानी मछुआरे

Sun, 24 Aug 2025 07:57 AM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कच्छ

सार

68 बटालियन बीएसएफ, 176 बटालियन बीएसएफ और वाटर विंग ने स्थानीय गश्ती नौकाओं के सहयोग से  कोरी क्रीक क्षेत्र में इंजन-फिट देशी नाव के साथ 15 पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ा। इससे पहले बांग्लादेश पुलिस के एक अधिकारी को पकड़ा गया था।
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बीएसएफ जवान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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गुजरात में बीएसएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। बीएसएफ ने शनिवार को बॉर्डर आउटपोस्ट (बीओपी) बीबीके के पास कोरी क्रीक क्षेत्र में इंजन-फिट देशी नाव के साथ 15 पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ा है। इससे पहले बांग्लादेश पुलिस के एक अधिकारी को पकड़ा गया था।  अफसरों के मुताबिक यह ऑपरेशन 68 बटालियन बीएसएफ, 176 बटालियन बीएसएफ और वाटर विंग ने स्थानीय गश्ती नौकाओं के सहयोग से किया था। टीम ने आसपास के क्रीक क्षेत्रों को कवर किया और तेज गश्ती नौकाओं द्वारा समर्थित थी। 
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इससे पहले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने बांग्लादेश पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी को गिरफ्तार किया, जब वह पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में अवैध रूप से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था। उसे शाम 6 बजे से 7 बजे के बीच हकीमपुर बॉर्डर आउटपोस्ट के पास पकड़ा गया।

अधिकारियों ने बताया कि नियमित गश्त के दौरान बीएसएफ जवानों ने अधिकारी को रोका। उसकी तलाशी लेने पर बीएसएफ को कुछ पहचान पत्र मिले, जिससे पुष्टि हुई कि घुसपैठिया एक वरिष्ठ बांग्लादेशी पुलिस अधिकारी था। उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया और बाद में आगे की पूछताछ के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस को सौंप दिया गया। 
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अधिकारियों ने कहा कि भारतीय क्षेत्र में उसके प्रवेश के पीछे के कारण का पता लगाने के लिए जांच चल रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि वह स्वतंत्र रूप से काम कर रहा था या किसी नेटवर्क की ओर से।

चार हजार किमी लंबी है भारत-बांग्लादेश सीमा
4,096 किलोमीटर से ज्यादा लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा दुनिया की सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं में से एक है और यहां अक्सर घुसपैठ, तस्करी और अवैध सीमा पार करने के मामले सामने आते रहे हैं। इस सीमा का लगभग 2,217 किलोमीटर हिस्सा पश्चिम बंगाल में है। जो इसे सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक संवेदनशील क्षेत्र बनाता है।

उत्तर 24 परगना अपनी घनी आबादी, नदी-तटीय इलाके और शहरी केंद्रों से निकटता के कारण विशेष रूप से संवेदनशील बना हुआ है।अधिकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र का अक्सर तस्करों, दलालों और कभी-कभी अवैध रूप से सीमा पार करने की कोशिश करने वाले संगठित समूहों द्वारा शोषण किया जाता रहा है।
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