तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने दिल्ली जा रही इंडिगो फ्लाइट में अपने साथ कथित बदसलूकी और उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर एअरलाइन और सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस मामले पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा की आलोचना की है।
भाजपा सरकार में महिला फ्लाइट में भी असुरक्षित
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा,'भाजपा के राज में ट्रेन-बसें तो महिलाओं के लिए असुरक्षित थीं ही, अब तो हवाई जहाज महिला सांसदों तक के लिए सुरक्षित नहीं हैं, आम नारी या युवती की बात क्या की जाए। दरअसल ये भाजपाइयों की महिला विरोधी सोच है, जो किसी और बहाने बाहर निकल रही है। भाजपाइयों को उनके ही घर की महिलाओं के द्वारा ये समझाना चाहिए कि अगर कोई, सरेआम उनकी बहन-बेटियों के साथ कहीं ऐसा व्यवहार करे तो उन्हें कैसा महसूस होगा। भाजपा की पुरुषवादी सोच नारी का अपमान करके ही संतुष्ट होती है। इस तुच्छ व्यवहार के लिए अगर निंदनीय शब्द भी प्रयोग किया जाये तो वो भी अपने को अपमानित महसूस करेगा।'
क्या है मामला?
महुआ मोइत्रा ने बताया कि वह आधिकारिक कार्य के लिए दिल्ली जा रही थीं, जहां उन्हें संसद की रक्षा मामलों से जुड़ी स्थायी समिति की बैठक में शामिल होना था। उन्होंने कहा कि वह इंडिगो की फ्लाइट 6E-719 में सीट 1F पर बैठी हुई थीं। सांसद के अनुसार, चार से छह लोग एक साथ विमान में सवार हुए और उन्हें घूरते हुए विमान के पिछले हिस्से में जाकर बैठ गए। उन्होंने दावा किया कि यह व्यवहार असहज करने वाला था।
'मेरे साथ आपत्तिजनक व्यवहार हुआ'
महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि फ्लाइट के दिल्ली में लैंड करने के बाद और विमान का दरवाजा खुलने से पहले उन लोगों ने उनके साथ आपत्तिजनक व्यवहार किया। इतना ही नहीं, उनका वीडियो भी बनाया गया, जिसे उन्होंने गंभीर सुरक्षा उल्लंघन बताया। उन्होंने साफ कहा कि यह किसी तरह का नागरिकों का गुस्सा नहीं था, बल्कि सीधे तौर पर उत्पीड़न और उनकी सुरक्षा का उल्लंघन है।
एअरलाइन और सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग
महुआ मोइत्रा ने इंडिगो एअरलाइन से अपील की है कि वह क्रू रिपोर्ट की जांच करे, आरोपियों की पहचान करे और उन्हें तुरंत नो-फ्लाई लिस्ट में डाला जाए ताकि वे भविष्य में विमान यात्रा न कर सकें। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू से भी इस मामले में हस्तक्षेप कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।