फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahesh Jethmalani: महेश जेठमलानी का आरोप- सीमा मुद्दों पर भारत की स्थिति को चुनौती दे रहे हैं जयराम रमेश

Tue, 24 Jan 2023 04:02 PM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने कहा कि इस तरह की पृष्ठभूमि वाले किसी व्यक्ति को लेकर चिंता होनी चाहिए। अगर कोई भारत विरोधी और चीन के समर्थन में पक्ष ले रहा है, तो इस पर विचार होना चाहिए कि क्या वह भारत के लिए चिंता कर रहा है या किसी हित के लिए ऐसा बोल रहा है।
विज्ञापन
Mahesh Jethmalani-Jairam Ramesh - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 

वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश पर हमला बोला है। उन्होंने रमेश को चीन का समर्थक कहकर संबोधित किया है। जेठमलानी ने कहा, यह बहुत स्पष्ट है। मैंने एक लिंक साझा किया है जिसमें चीनी उनकी प्रशंसा कर रहे हैं और भारत सरकार से कह रहे हैं कि वह जो कह रहे हैं उस पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि एक भारतीय के रूप में मुझे चिंता है कि वह संवेदनशील सीमा मुद्दों पर भारत की स्थिति को चुनौती दे रहे हैं।

विज्ञापन

 

उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की पृष्ठभूमि वाले किसी व्यक्ति को लेकर चिंता होनी चाहिए। अगर कोई भारत विरोधी और चीन के समर्थन में पक्ष ले रहा है, तो इस पर विचार होना चाहिए कि क्या वह भारत के लिए चिंता कर रहा है या किसी हित के लिए ऐसा बोल रहा है।
विज्ञापन


भाजपा के राज्यसभा सदस्य महेश जेठमलानी ने कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश की किताब का हलावा दिया है, जिसमें उन्होंने भारत में चीनी दूरसंचार कंपनी हुआवेई की गतिविधियों की कथित तौर पर पैरवी की थी। रमेश की किताब के अंश को साझा करते हुए भाजपा नेता ने ट्वीट किया, वर्ष 2005 के बाद से जयराम रमेश चीनी टेलीकॉम कंपनी हुआवेई की भारत में गतिविधियों के लिए पैरवी कर रहे हैं। सुरक्षा खतरे के कारण कई देशों में हुआवेई को प्रतिबंधित कर दिया गया है। जयराम अब भारत सरकार के चीन के रुख पर सवाल उठाते हैं। पहले उन्हें हुआवेई के साथ अपने संबंधों का खुलासा करना चाहिए।
विज्ञापन


जेठमलानी ने साझा किया जयराम रमेश की किताब का अंश
जेठमलानी द्वारा साझा किए गए जयराम रमेश की किताब के अंश में लिखा है, चीनियों को लगता है कि भारत सरकार व्यापार वीजा देने के मामले में, चीनी विदेशी निवेश (एफडीआई) को मंजूरी देने और सार्वजनिक निविदाओं में हासिल किए गए अनुबंधों में बेवजह बाधा डाल रही है। चीनी नेटवर्किंग प्रमुख हुआवेई टेक्नोलॉजीज की बेंगलुरु में बड़ी उपस्थिति है और अपना विस्तार करना चाहती है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की बेचैनी बाधा बन रही है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें