महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में पत्रकार को कार से कुचलने के मामले में गिरफ्तार आरोपी पर हत्या का केस दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। उधर, नालासोपारा पुलिस स्टेशन के लॉकअप में बंद नौ लोगों को फूड प्वाइजनिंग की शिकायत होने पर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कई मीडिया संगठनों ने पत्रकार शशिकांत वारिशे की मौत की जांच कराने की मांग सरकार से की थी। संगठनों ने दावा किया था कि वारिशे ने स्थानीय प्रॉपर्टी डीलर पंढरीनाथ अंबरकर के खिलाफ खबर लिखी थी, जिसे प्रस्तावित रत्नागिरी रिफाइनरी परियोजना का समर्थक बताया जाता है। संगठनों ने दावा किया कि अंबरकर ने रत्नागिरी जिले के एक पेट्रोल पंप पर पत्रकार को अपनी कार से कुचल दिया। वारिशे ने मंगलवार को कोल्हापुर के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया।
पत्रकार परिषद के सदस्यों ने सीएम से की जांच की मांग
आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) के तहत गिरफ्तार किया गया था। अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने अंबरकर के खिलाफ प्राथमिकी में धारा 302 (हत्या) जोड़ी है। गिरफ्तार आरोपी को 13 फरवरी तक राजापुर पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस हत्या के पीछे की सही वजह की जांच कर रही है। अखिल भारतीय मराठी पत्रकार परिषद के सदस्यों ने महाराष्ट्र के गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
रत्नागिरी रिफराइनरी को किया गया रद्द
रत्नागिरी रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल परियोजना को तटीय कोंकण में रत्नागिरी जिले के नानर गांव में बनाया जाना प्रस्तावित था। लेकिन 2019 के चुनावों से पहले भाजपा के तत्कालीन गठबंधन सहयोगी शिवसेना के आग्रह पर रद्द कर दिया गया था। एक केंद्रीय मंत्री ने पिछले साल कहा था कि प्रति वर्ष 60 मिलियन मीट्रिक टन तेल रिफाइनरी स्थापित करना दुनिया का सबसे बड़ा संयंत्र होगा और इसके पुनरुद्धार का संकेत दिया था।
पुलिस लॉकअप में बंद नौ लोग हुए फूड प्वाइजनिंग के शिकार
पालघर जिले के नालासोपारा पुलिस स्टेशन के लॉकअप में बंद नौ लोगों को फूड प्वाइजनिंग की शिकायत होने पर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताई है। खाने के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।