महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव से पहले शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, पार्टी के उम्मीदवार किशनचंद तनवानी ने सोमवार को संभाजीनगर (औरंगाबाद) मध्य सीट से चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया है। तनवानी ने कहा कि वह साल 2014 के जैसी स्थिति दोबारा नहीं होने देंगे और इससे बचने के लिए उन्होंने अपना नाम वापस लिया है। साल 2014 में इस सीट से असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज जलील चुनाव जीत गए थे।
जलील ने शिवसेना (अविभाजित) के उम्मीदवार प्रदीप जायसवाल को हराया था। जिससे भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले तनवानी तीसरे स्थान पर रह गए थे। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने पिछले हफ्ते तनवानी की उम्मीदवारी का एलान किया था।
तनवानी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, मैं पिछले सात दिनों से इस विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर रहा हूं। मुझे एहसास हुआ कि यहां 2014 के चुनाव जैसी स्थिति बन रही है। इसलिए मैंने इस बार चुनाव न लड़ने का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि 2019 में भी उन्होंने इसी कारण चुनाव से पीछे हटने का फैसला किया था और जायसवाल को जीतने में मदद की थी। उन्होंने आगे कहा, मैंने अपनी चुनावी भविष्य के लिए जायसवाल से मदद मांगी। लेकिन वह सहयोग नहीं कर रहे हैं। मैंने उद्धव ठाकरे से बात नहीं की है। लेकिन मैं उनसे बात करूंगा और उनके निर्देश के अनुसार काम करूंगा। मेरा मंजूरी पत्र शिवसेना के अंबादास दानवे के पास है।
वहीं, शाम को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधानसभा में विपक्षा के नेता अंबादास दानवे ने कहा कि पार्टी के शहर इकाई के प्रमुख बालासाहेब थोराट संभाजीनगर मध्य से उम्मीदवार होंगे। दानवे ने आगे कहा, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के आदेश पर तनवानी को जिला अध्यक्ष के पद से मुक्त किया गया है। एआईएमआईएम ने संभाजीनगर मध्य से नासिर सिद्दीकी की उम्मीदवारी का एलान किया है। वह 2019 में इ सीट पर जायसवाल से हार गए थे। राज्य में 20 नवंबर को एक चरण में 288 सीटों वाली विधानसभा के लिए मतदान होगा। मतगणना 23 नवंबर को होगी।
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