महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल
- फोटो : एएनआई
कांग्रेस और प्रकाश आंबेडकर के नेतृत्व वाली वंचित बहुजन आघाड़ी (वीबीए) ने रविवार को आगामी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के लिए गठबंधन का एलान कर दिया। इस समझौते के तहत वंचित बहुजन आघाड़ी 227 में से 62 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस 150 से अधिक सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, जबकि कुछ सीटें राष्ट्रीय समाज पक्ष और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (गवई) को दी जाएंगी।
इस गठबंधन की घोषणा महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल और वीबीए के प्रदेश उपाध्यक्ष धैर्यवर्धन पुंडकर ने की। सपकाल ने कहा कि राज्य की शेष 28 नगर निगमों के लिए गठबंधन पर फैसला स्थानीय स्तर पर लिया जाएगा और दोनों दलों ने अपनी स्थानीय इकाइयों को उपयुक्त निर्णय लेने का अधिकार दिया है।
साझा विचारधारा पर आधारित स्वाभाविक गठबंधन- सपकाल
सपकाल ने गठबंधन को महज चुनावी गणित नहीं, बल्कि साझा विचारधारा पर आधारित स्वाभाविक गठबंधन बताया। सपकाल ने कहा, यह संख्याओं का खेल नहीं, बल्कि विचारों का संगम है। दोनों दल संविधान में आस्था रखते हैं और समानता, बंधुत्व व सामाजिक न्याय पर आधारित भारत के निर्माण में विश्वास करते हैं। सपकाल ने यह भी याद दिलाया कि कांग्रेस और वंचित बहुजन आघाड़ी इससे पहले 1998 और 1999 के चुनावों में साथ आ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि 25 वर्षों के अंतराल के बाद राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हुआ है।
वंचित बहुजन आघाड़ी के नेता धैर्यवर्धन पुंडकर ने कहा कि यह गठबंधन भाजपा की विभाजनकारी राजनीति को रोकने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने बताया कि गठबंधन के लिए पहल कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने की और शुरुआत से ही उनका रुख सकारात्मक रहा। वीबीए के मुख्य प्रवक्ता सिद्धार्थ मोकाले ने कहा कि गठबंधनों में सीट बंटवारे को लेकर पूरी संतुष्टि संभव नहीं होती, लेकिन आपसी सहमति जरूरी होती है।
15 जनवरी को होना है चुनाव
गौरतलब है कि राज्य की 29 नगर निगमों के चुनाव 15 जनवरी 2026 को प्रस्तावित हैं, जबकि जिला परिषद चुनावों की औपचारिक अधिसूचना का अभी इंतजार है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले कांग्रेस ने बीएमसी चुनाव अकेले लड़ने की घोषणा की थी।2017 के बीएमसी चुनाव में कांग्रेस को केवल 31 सीटें मिली थीं, जबकि तत्कालीन अविभाजित शिवसेना और भाजपा ने बेहतर प्रदर्शन किया था।