महाराष्ट्र के थाणे जिले में आने वाले तीन महीनों में पीने के पानी और सिंचाई की जरुरतों को पूरा करने के लिए लगभग 5,000 वन तालाबों का निर्माण किया जाएगा। अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र में पानी की किल्लत को ध्यान में रखते हुए इस बात का निर्णय लिया गया है। यहां लगभग 5,000 वन तालाबों का निर्माण किया जाएगा। इस पानी का इस्तेमाल पीने के लिए और सिंचाई की जरूरतों के लिए किया जाएगा।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी हीरालाल सोनवाने ने कहा कि दो अक्तूबर को महात्मा गांधी की जयंती के दिन इस परियोजना पर काम शुरू हुआ। उन्होंने एक बयान में कहा कि जिला परिषद अगले तीन महीनों में जिले भर में 5,000 वन तालाबों का निर्माण करेगा। यह किसानों के लिए एक उपहार होगा। इसकी मदद से किसान अपनी फसलों को सही तरीके से सिंचाई कर पाएंगे।
उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में इन जलाशयों के निर्माण से भूमिगत जल को बरकार करने में मदद मिलेगी और कुछ समय बाद पानी की आपूर्ति उपलब्ध होगी।
अधिकारी ने कहा कि इससे सब्जियों, अनाज और अन्य रबी फसलों को बड़ी मात्रा में उगाने में मदद मिलेगी और पीने और कपड़े धोने के लिए पानी भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि इन जलाशयों से ग्रीष्मकाल में टैंकर जलापूर्ति की आवश्यकता भी कम हो जाएगी।