बता दें कि कोरोना संकट के बीच महाराष्ट्र में रेमडेसिविर को लेकर राजनीति गरमा गई है। महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक के बयान पर हंगामा मचा हुआ है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार की तरफ से कुछ रेमडेसिविर सप्लायर पर दवाब बनाया जा रहा है कि वे राज्य को स्टॉक ना भेजे। इसके बाद देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि एक रेमडेसिविर सप्लायर को सिर्फ इसलिए परेशान किया जा रहा है क्योंकि वो कुछ भाजपा नेताओं से मिला था।
फडणवीस ने उद्धव सरकार पर लगाया यह आरोप
फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से एक रेमडेसिविर सप्लायर को डराया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले भाजपा नेताओं ने दमन की ब्रुक फार्मा से संपर्क साधा था, जिससे महाराष्ट्र में समय रहते रेमडेसिविर की आपूर्ति हो सके। इस बारे में हमारी तरफ से राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री राजेंद्र शिंगणे को भी बताया गया था और केंद्र सरकार से भी जरूरी इजाजत ली गई थी, लेकिन हैरान रह गया, जब पता चला कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए)के एक अफसर ने बाकायदा ब्रुक फार्मा सें संपर्क साधा और सिर्फ इसलिए डराया क्योंकि वे भाजपा नेताओं से मिले थे। इस प्रकार की राजनीति को स्वीकार नहीं किया सकता।