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महाराष्ट्र: मुंबई में गणपति उत्सव से पहले चार फुटओवर ब्रिज क्यों हुए बंद, जांच में कौन सी बड़ी खामियां मिली?

Sat, 12 Sep 2026 08:48 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

मुंबई में गणपति उत्सव शुरू होने से ठीक पहले मध्य रेलवे ने चार पैदल पुलों को तत्काल बंद कर दिया है। जांच में इन पुलों के अहम हिस्सों में क्या खराबी मिली? उत्सव के पहले क्यों ये कार्रवाई हुई? इन पुलों के बंद होने से यात्रियों की आवाजाही पर कितना असर पड़ेगा? क्या इन्हें जल्द दोबारा खोल दिया जाएगा?
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मुंबई में गणपति उत्सव से पहले रेलवे का बड़ा फैसला - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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मुंबई में गणपति उत्सव शुरू होने से पहले यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। मध्य रेलवे के मस्जिद और माटुंगा के पास स्थित चार पैदल पुलों को तत्काल बंद किया जा रहा है। इन पुलों की संरचनात्मक जांच में इन्हें असुरक्षित पाया गया है। गणपति उत्सव 14 सितंबर से शुरू हो रहा है और इस दौरान रेलवे स्टेशनों तथा आसपास के इलाकों में यात्रियों और पैदल चलने वालों की भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है। ऐसे में इन पुलों को बंद करने का फैसला सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

किन चार पुलों को तत्काल बंद किया गया है?

मध्य रेलवे के मुताबिक मस्जिद स्टेशन और माटुंगा के बीच स्थित चार पैदल पुलों को बंद किया जा रहा है। इनमें मस्जिद स्टेशन पर भंडारी पैदल पुल और मस्जिद स्टेशन का पैदल पुल शामिल हैं। इसके अलावा माटुंगा और सायन स्टेशनों के बीच भाऊ दाजी रोड स्थित ‘माटुंगा लेवल क्रॉसिंग’ वाला पैदल पुल और गुरु नानक हाई स्कूल के पास स्थित माटुंगा-दादरवी पैदल पुल को भी बंद किया गया है। इन सभी पुलों पर अब पैदल यात्रियों की आवाजाही रोक दी जाएगी।

जांच में इन पुलों में क्या खामियां मिलीं?

चारों पुलों की संरचनात्मक स्थिति को लेकर जांच कराई गई थी। 27 अगस्त को नगर निकाय और रेलवे के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से इन पुलों का निरीक्षण किया था। इसके बाद आईआईटी बॉम्बे ने 31 अगस्त को चारों पुलों की संरचनात्मक जांच रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में चारों पुलों को संरचनात्मक रूप से असुरक्षित बताया गया। पुलों के महत्वपूर्ण हिस्सों में खराबी और जंग लगने की समस्या पाई गई। जांच रिपोर्ट में यात्रियों की आवाजाही तत्काल रोकने की सिफारिश की गई। साथ ही इन पुलों को हटाकर दोबारा बनाने पर विचार करने की बात कही गई।

गणपति उत्सव के दौरान इन्हें बंद करना क्यों जरूरी माना गया?

गणपति उत्सव 14 सितंबर से शुरू हो रहा है और यह 11 दिनों तक चलेगा। इस दौरान मुंबई के रेलवे स्टेशनों और आसपास के इलाकों में सामान्य दिनों की तुलना में काफी ज्यादा यात्रियों और पैदल लोगों की आवाजाही होने की उम्मीद है। ऐसे में पहले से कमजोर और असुरक्षित पाए गए पुलों पर भीड़ बढ़ने से जोखिम और बढ़ सकता था। इसी वजह से सुरक्षा को देखते हुए इन चारों पुलों पर तत्काल पैदल आवाजाही रोकने का फैसला किया गया है। नगर निकाय ने रेलवे प्रशासन से भी इन पुलों को अगले आदेश तक बंद रखने को कहा है।

पुलों को बंद कराने के पीछे क्या है नगर निकाय की मांग?

नगर निकाय ने इन पुलों को तत्काल बंद करने का अनुरोध किया है। इसके पीछे दो मुख्य वजहें हैं। पहली वजह संरचनात्मक सुरक्षा है और दूसरी वजह इन पुलों के प्रस्तावित पुनर्निर्माण की योजना है। अधिकारियों की संयुक्त जांच और आईआईटी बॉम्बे की रिपोर्ट के बाद यह साफ हुआ कि इन पुलों की मौजूदा स्थिति यात्रियों की आवाजाही के लिए सुरक्षित नहीं है। रिपोर्ट में इन्हें पैदल यातायात के लिए तुरंत बंद करने और जरूरत के अनुसार इन्हें हटाकर नए पुल बनाने पर विचार करने की सिफारिश की गई है।

यात्रियों को रेलवे ने क्या अपील की है?

मध्य रेलवे ने यात्रियों और आम लोगों से पुलों को बंद करने की प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की है। रेलवे ने लोगों से सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से यात्रा करने को कहा है। गणपति उत्सव के दौरान पहले से ही मुंबई में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होगी। ऐसे में बंद किए गए पुलों पर जाने की कोशिश करने के बजाय यात्रियों को सुरक्षा व्यवस्था का पालन करना होगा। रेलवे ने साफ किया है कि यह कदम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

गणपति उत्सव के दौरान मुंबई में क्यों बढ़ेगा सुरक्षा पर दबाव?

गणपति उत्सव के दौरान मुंबई में बड़ी संख्या में लोग घरों से निकलते हैं और रेलवे स्टेशनों के आसपास भीड़ बढ़ती है। ऐसे समय में पैदल पुलों पर भी लोगों की संख्या बढ़ सकती है। चारों पुलों को संरचनात्मक जांच में असुरक्षित पाए जाने के बाद उन्हें खुला रखना जोखिम भरा हो सकता था। इसलिए उत्सव शुरू होने से पहले ही इन पर आवाजाही रोक दी गई है। अब इन पुलों के भविष्य को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्राथमिकता लोगों को असुरक्षित ढांचे से दूर रखना और गणपति उत्सव के दौरान सुरक्षित तथा व्यवस्थित आवाजाही सुनिश्चित करना है।

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