मुंबई-दिल्ली रूट पर बढ़ा एयरलाइंस के बीच मुकाबला
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दिल्ली-मुंबई देश के सबसे व्यस्त विमान रूट में से एक है। इस रूट पर इंडिगो और एअर इंडिया के बीच कड़ी टक्कर है। अब अकासा एयर भी तेजी से अपनी जगह बना रही है। एयरलाइन ने अप्रैल से सितंबर के बीच इस रूट पर उड़ानें दोगुनी कर दीं। स्पाइसजेट काफी पीछे रह गई है। सिरियम के आंकड़ों के विश्लेषण में सामने आया कि, अप्रैल से सितंबर के बीच एअर इंडिया समूह ने मुंबई-दिल्ली रूट पर 4,768 उड़ानें संचालित कीं। इंडिगो ने 4,056 उड़ानें चलाईं। हालांकि, सीटों के मामले में इंडिगो आगे रही। उसकी 8,92,190 सीटें थीं। रूट पर उसकी हिस्सेदारी 42.8 फीसदी रही। एअर इंडिया समूह के पास 8,73,970 सीटें थीं और उसकी हिस्सेदारी 41.9 फीसदी रही।
अकासा एयर अब इस रूट पर तीसरे नंबर की एयरलाइन बन गई है। उसने स्पाइसजेट को पीछे छोड़ दिया है। अप्रैल से सितंबर के बीच अकासा की सीट हिस्सेदारी पहली बार 10 फीसदी के पार पहुंची। यह 10.7 फीसदी रही। पिछले साल इसी अवधि में यह 6 फीसदी थी। वहीं, स्पाइसजेट की हिस्सेदारी घटकर 4.4 फीसदी रह गई। अकासा ने इस दौरान मुंबई-दिल्ली रूट पर उड़ानों की संख्या दोगुनी कर 1,176 कर दी। अकासा का विस्तार सिर्फ मुंबई-दिल्ली रूट तक नहीं है। वह दिल्ली-एनसीआर और नवी मुंबई के नए एयरपोर्ट से भी उड़ानें बढ़ा रही है। सितंबर में नवी मुंबई-दिल्ली रूट पर अकासा 9.5 फीसदी सीट हिस्सेदारी के साथ तीसरे नंबर पर रही। इंडिगो पहले और एअर इंडिया एक्सप्रेस दूसरे नंबर पर रही।
मुंबई-नोएडा रूट पर सितंबर में अकासा ने सिर्फ 30 उड़ानें चलाईं। इसके बावजूद सीटों में उसकी हिस्सेदारी 51.2 फीसदी रही। इस मामले में उसने इंडिगो को पीछे छोड़ दिया। मुंबई-दिल्ली रूट पर सीट क्षमता बढ़ी है। सितंबर में यहां सालाना आधार पर 13.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। कुल 6,77,300 सीटें उपलब्ध रहीं। यह देश के सभी घरेलू रूट में सबसे ज्यादा है। इसके उलट बंगलूरू-दिल्ली रूट पर सीट क्षमता 1.8 फीसदी घटी। मुंबई-चेन्नई में 8.5 फीसदी और मुंबई-हैदराबाद में 9.5 फीसदी की कमी आई।