महाराष्ट्र में जून में सत्ता पलट के बाद शिवसेना पार्टी पर कब्जे की जंग जारी है। यह मामला चुनाव आयोग के विचाराधीन है, लेकिन असली शिवसेना का सवाल सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। शीर्ष अदालत ने आज कहा कि वह मामले में 27 सितंबर पर आगे विचार करेगी।
Supreme Court says it will consider on September 27th whether the Election Commission of India should proceed to decide which faction between Shiv Sena's Uddhav Thackeray and Eknath Shinde be recognised as the 'real' Shiv Sena party and allotment of the 'bow and arrow' symbol. pic.twitter.com/qE2SmOoNyN
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को शिवसेना को लेकर विवाद में एकनाथ शिंदे गुट का पक्ष सुना था। उद्धव ठाकरे गुट ने शिवसेना व पार्टी के सिंबल पर शिंदे गुट के दावे को लेकर चुनाव आयोग से कार्यवाही रोकने की अपील की है।
सीजेआई यूयू ललित और जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ के समक्ष शिंदे गुट के वकील नीरज किशन कौल ने मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की थी। इसके बाद सीजेआई यूूयू ललित ने कहा था कि हम देखेंगे कि पांच सदस्यीय पीठ इस मामले में बुधवार से विचार करना शुरू करे। हालांकि शीर्ष कोर्ट ने आज इसके लिए 27 सितंबर की तारीख तय की।
चुनाव आयोग की कार्यवाही पर रोक
कौल ने कल पीठ को बताया कि 23 अगस्त को शीर्ष अदालत ने मामले को पांच सदस्यीय संविधान पीठ के पास भेजने का फैसला किया था। उसके बाद से चुनाव आयोग के समक्ष पार्टी के अधिकार और चुनाव चिंह को लेकर कार्यवाही रोक दी गई है। इसलिए मामले की तत्काल सुनवाई की जाए। महाराष्ट्र में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के बारे में पीठ को अवगत कराते हुए कौल ने कहा कि इस मुद्दे को तत्काल हल करने की आवश्यकता है।
गौरतलब है कि एकनाथ शिंदे ने उनके गुट को ‘असली शिवसेना‘ के रूप में मान्यता देने और पार्टी के चुनाव चिंह धनुष और तीर को उन्हें आवंटन के लिए याचिका दायर की थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उद्धव ठाकरे गुट की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के अनुरोध पर शिवसेना के चुनाव चिन्ह के मुद्दे पर अंतरिम राहत के लिए 25 अगस्त को मामला संविधान पीठ के समक्ष रखा था। ठाकरे गुट ने एकनाथ शिंदे गुट के मान्यता के दावे पर चुनाव आयोग के समक्ष कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की थी।
सुप्रीम कोर्ट एक नवंबर को करेगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने असम में अवैध प्रवासियों से जुड़ी नागरिकता अधिनियम की धारा 6 ए की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को लेकर बड़ी घोषणा की है। जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़, एम.आर. शाह, कृष्णा मुरारी, हिमा कोहली और पी.एस. नरसिम्हा की संवैधानिक पीठ ने बुधवार को कहा कि वह एक नवंबर को इन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।