छत्रपति संभाजीनगर में उपजे विवाद को लेकर पुलिस ने बताया कि नासिक जिले की सिन्नर तालुका के शाह पंचाले गांव में एक धार्मिक आयोजन के दौरान रामगिरि महाराज ने पैगंबर मोहम्मद और इस्लाम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
मुख्यमंत्री के साथ खड़े दिखे रामगिरि महाराज
रामगिरि की टिप्पणियों पर विवाद के बीच मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आज नासिक जिले में एक कार्यक्रम के दौरान उनके साथ मंच साझा किया और उन्हें संत भी करार दिया था, जबकि राज्य के मंत्री गिरीश महाजन और अहमदनगर के पूर्व सांसद सुजय विखे पाटिल ने मंच पर उनके पैर भी छुए। अहमदनगर जिले के श्रीरामपुर तालुका में सरला बेट धाम के महंत रामगिरि महाराज ने इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपनी विवादास्पद टिप्पणी का बचाव किया और कहा कि उनकी टिप्पणी बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों के जवाब में थी और उनका उद्देश्य हिंदू समुदाय के सदस्यों को एकजुट करना था।
अपने बयान पर कायम हैं रामगिरि महाराज
रामगिरि महाराज ने अपने बयान पर उठे विवाद पर एक समाचार चैनल से कहा, हिंदुओं को सतर्क रहना चाहिए। मुझे जो कहना था, मैंने कह दिया। मैं इस पर कायम हूं और इसके परिणाम भुगतने के लिए तैयार हूं। इसे लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता इम्तियाज जलील ने दावा किया कि रामगिरि महाराज की टिप्पणी एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
रामगिरि महाराज के खिलाफ मुकदमे दर्ज
पुलिस ने नासिक के येओला और छत्रपति संभाजीनगर जिले के वैजापुर में रामगिरि महाराज के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए हैं। जानकारी के मुताबिक वैजापुर में एक स्थानीय व्यक्ति की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 302 (किसी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर शब्द बोलना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिसमें शिकायतकर्ता ने कहा, रामगिरि महाराज के शब्दों से मुसलमानों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और दोनों समुदायों के बीच दरार पैदा हुई है।
वहीं छत्रपति संभाजीनगर शहर में शुक्रवार को मुसलमानों का एक समूह थाने के बाहर जमा हो गया और पैगंबर मोहम्मद के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए रामगिरि महाराज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद तनाव उत्पन्न हो गया।
AIMIM नेता ने पुलिस आयुक्त को लिखा पत्र
वहीं एआईएमआईएम नेता जलील ने हिंदू धार्मिक नेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए शहर के पुलिस आयुक्त को एक पत्र लिखा। उन्होंने आरोप लगाया कि ये बयान जानबूझकर मुस्लिम समुदाय की छवि खराब करने के लिए दिए गए हैं। उन्होंने कहा, सांप्रदायिक दंगे भड़काने के लिए यह जानबूझकर किया गया है। इसलिए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।