पुणे पोर्श हादसा: आरोपियों पर मुकदमे को टालने की कोशिश का आरोप
पुणे में मई 2024 में दो IT प्रोफेशनल्स की जान लेने वाले पोर्श कार हादसे के मामले में अभियोजन पक्ष ने बुधवार को कोर्ट में कहा कि आरोपी लोग जानबूझकर "फिजूल" याचिकाएं दाखिल कर रहे हैं ताकि मुकदमा लंबा खींचा जा सके। यह हादसा 19 मई 2024 को हुआ था, जब एक 17 साल के नाबालिग लड़के ने, जो एक नामी बिल्डर का बेटा है, शराब के नशे में एक तेज रफ्तार पोर्श कार चलाई और पुणे के कल्याणी नगर में दो IT पेशेवरों अनीश अवधिया और अश्विनी कोस्टा को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
ब्लड सैंपल की अदला-बदली का आरोप
अब कोर्ट में 10 आरोपियों पर सुनवाई चल रही है, जिन पर नाबालिग के खून के नमूने बदलने की साजिश का आरोप है। दावा है कि सरकारी ससून अस्पताल में नाबालिग के खून के बदले उसकी मां का सैंपल जांच के लिए भेजा गया, ताकि शराब पीने का सबूत छुपाया जा सके।
अभियोजन पक्ष ने क्या कहा?
विशेष सरकारी वकील शिशिर हिराय ने कोर्ट में कहा कि सभी 10 आरोपी, जिनमें से 9 जेल में हैं, इस साजिश में बराबर के हिस्सेदार हैं। उन्होंने बताया कि अभियोजन पक्ष के पास DNA जांच जैसे ठोस सबूत हैं जो खून के नमूनों की अदला-बदली को साबित करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ आरोपी जानबूझकर चार्जशीट की "कॉपी नहीं मिली" जैसे बहाने बनाकर मुकदमे में देरी कर रहे हैं, जबकि उन्हें चार्जशीट दी जा चुकी है।
महाराष्ट्र में 1.35 लाख करोड़ रुपये के 17 बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट को मंजूरी
महाराष्ट्र में औद्योगिक विकास और रोजगार बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट उप-समिति की बैठक में 17 बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। इन प्रोजेक्ट्स से राज्य में लगभग 1.35 लाख करोड़ रुपये का निवेश आएगा और करीब 1 लाख लोगों को सीधा व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से जारी बयान में बताया गया कि ये प्रोजेक्ट्स सेमीकंडक्टर, सोलर सेल, ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) कंपोनेंट, लिथियम-आयन बैटरी, रक्षा उपकरण, टेक्सटाइल, ग्रीन स्टील और गैस से केमिकल बनाने जैसे उन्नत तकनीक वाले क्षेत्रों से जुड़े हैं। इन प्रोजेक्ट्स को पूंजी अनुदान, बिजली दर में छूट, ब्याज पर सब्सिडी, जमीन की कीमत में छूट, EPF में रियायत जैसे कई प्रोत्साहन दिए जाएंगे।