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Viral Video: बिल्डिंग के अंदर घुस रहा है लखनऊ का यह आलीशान ब्रिज, रोका गया काम, लोग बोले- 8वां अजूबा

Thu, 03 Jul 2025 11:19 AM IST
दीक्षा पाठक फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Viral Video: इस वायरल वीडियो के पीछे एक गंभीर समस्या छिपी हुई थी। दरअसल, फ्लाईओवर के निर्माण के दौरान जमीन का विवाद सामने आ गया, जिसकी वजह से पुल का काम रुक गया और इसका एक हिस्सा अधूरा रह गया। यही वजह रही कि फ्लाईओवर का स्ट्रक्चर इमारत से सटा हुआ दिखाई देने लगा।
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ब्रिज के रास्ते में आया दुकान, मकान - फोटो : इंस्टाग्राम @tarun.lucknowi
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विस्तार
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हाल ही में लखनऊ के पारा इलाके का कृष्णानगर-केसरीखेड़ा ओवरब्रिज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। इसका एक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें फ्लाईओवर एक इमारत से टकराता दिख रहा था। वीडियो में ऐसा लग रहा था जैसे पुल इमारत के भीतर से ही निकल रहा हो और लोहे की छड़ें दीवार से जुड़ी हुई नजर आ रही थीं। यह नजारा देखकर लोग चौंक गए और सोशल मीडिया पर इसे लेकर मीम्स और मजाक बनने लगे। कई लोगों ने तो इस सीन को दुनिया का आठवां अजूबा कह डाला। स्टैंड-अप कॉमेडियन तरुण लखनवी ने भी इस वीडियो को पोस्ट किया, जिसे अब तक दो मिलियन से अधिक बार देखा जा चुका है। तो आज की इस खबर में हम आपको ऐसे ही एक ब्रिज के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।

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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
लेकिन इस वायरल वीडियो के पीछे एक गंभीर समस्या छिपी हुई थी। दरअसल, फ्लाईओवर के निर्माण के दौरान जमीन का विवाद सामने आ गया, जिसकी वजह से पुल का काम रुक गया और इसका एक हिस्सा अधूरा रह गया। यही वजह रही कि फ्लाईओवर का स्ट्रक्चर इमारत से सटा हुआ दिखाई देने लगा। इस ओवरब्रिज का उद्देश्य महाराजपुरम, पंडितखेड़ा, गंगाखेड़ा, केसरीखेड़ा और भवानीपुरम जैसे इलाकों के लोगों को रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से निजात दिलाना था। एक रिपोर्ट के अनुसार, कृष्णानगर और केसरीखेड़ा के बीच स्थित रेलवे क्रॉसिंग दिनभर में करीब 60 बार बंद होती है, जिससे वाहन चालकों को हर बार 15-20 मिनट तक रुकना पड़ता है। इससे खासकर व्यस्त समय में भीषण जाम लग जाता है और लोग परेशान होते हैं।




ब्रिज के रास्ते में आए कई दुकान और मकान
स्थानीय लोगों ने लंबे समय से इस समस्या के समाधान के लिए ओवरब्रिज की मांग की थी। लखनऊ के सांसद और देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस प्रोजेक्ट को स्वीकृति दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस दो लेन के रेलवे ओवरब्रिज की अनुमानित लंबाई करीब 1 किलोमीटर और लागत लगभग 74 करोड़ रुपये है। इस ब्रिज को लेकर मुख्य बाधा तब आई जब पुल का निर्माण कृष्णानगर-केसरीखेड़ा क्रॉसिंग तक पहुंचा, जहां कई मकान और दुकानें सीधे फ्लाईओवर के मार्ग में आ गईं। इन संपत्तियों के मालिकों को अब तक मुआवजा नहीं मिला था, जिसके चलते वहां निर्माण रोकना पड़ा। दूसरी जगहों पर काम जारी रहा, इसलिए इस हिस्से में फ्लाईओवर का स्ट्रक्चर अधूरा रह गया और वायरल हुए वीडियो में यह इमारत से जुड़ा नजर आया।

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