मुंबई में भाजपा पार्षद आकाश पुरोहित को बुधवार को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। एक सत्र अदालत ने उनके खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट रद्द करने की याचिका खारिज कर दी। यह वारंट 2020 के बिजली विरोध प्रदर्शन मामले में पेश न होने पर जारी हुआ। इस मामले में पुरोहित और अन्य पर BEST के महाप्रबंधक को बंधक बनाने व पुलिस पर हमला करने का आरोप है। महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर और मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा भी आरोपी हैं। बुधवार को सुनवाई में पुरोहित पेश नहीं हुए, जिसके बाद वारंट रद्द करने की उनकी अर्जी खारिज हुई। अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ पहले भी वारंट जारी हुए थे, जिसके लिए उन्होंने 2,000 रुपये का जुर्माना भरा था। उन्हें जानबूझकर देरी करने वाला मानते हुए अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सूत्रों के अनुसार, पुरोहित गुरुवार को बॉम्बे हाई कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दे सकते हैं।
पुणे-नासिक रेल लाइन का GMRT पर कितना असर, परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष करेंगे आकलन
महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने बुधवार को एक उच्च-स्तरीय विशेषज्ञ समिति बनाई है। यह समिति पुणे-नाशिक सेमी-हाई-स्पीड रेलवे लाइन के जाइंट मीटरवेव रेडियो टेलीस्कोप (जीएमआरटी) पर प्रभाव का मूल्यांकन करेगी। इसकी अध्यक्षता परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष अनिल काकोडकर करेंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर यह निर्णय हुआ। सरकार ने समिति का सरकारी संकल्प जारी किया। रेलवे लाइन की प्रारंभिक संरेखण पुणे के खोडाड स्थित जीएमआरटी के करीब थी। परमाणु ऊर्जा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभागों ने बिजली ट्रेनों से विद्युत चुम्बकीय हस्तक्षेप की आशंका जताई थी। जीएमआरटी विश्व की प्रमुख कम-आवृत्ति रेडियो खगोल विज्ञान वेधशालाओं में से है। समिति दोनों प्रस्तावित मार्गों के विद्युत चुम्बकीय, परिचालन और संरचनात्मक प्रभावों की जांच करेगी। यह सुरंग, एलिवेटेड संरचनाओं या सीमित पुनर्संरेखण जैसे विकल्पों का आकलन करेगी। समिति 60 दिनों में महाराष्ट्र सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी।