महाराष्ट्र के नासिक से एक बड़ी और गंभीर खबर सामने आई है, जहां एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने वाली महिला कर्मचारियों ने मानसिक और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इस मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना ने कॉर्पोरेट माहौल में सुरक्षा और महिलाओं के अधिकारों को लेकर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल नौ एफआईआर दर्ज की गई हैं। अधिकारियों ने कंपनी का नाम उजागर नहीं किया है, लेकिन जांच तेजी से जारी है। मंगलवार को पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिन्हें बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 10 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जबकि एक आरोपी पहले से न्यायिक हिरासत में है।
महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उनके साथ लगातार मानसिक दबाव बनाया गया और यौन उत्पीड़न किया गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किए और आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी शुरू की। इस पूरे मामले ने कंपनी के कामकाजी माहौल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस संवेदनशील मामले की जांच के लिए पुलिस ने एक विशेष जांच टीम यानी एसआईटी का गठन किया है। यह टीम एसीपी (क्राइम) संदीप मिटके के नेतृत्व में काम कर रही है। पुलिस कमिश्नर संदीप कर्णिक के निर्देश पर इस टीम को जिम्मेदारी दी गई है, ताकि मामले की निष्पक्ष और तेज जांच हो सके।
यह कार्रवाई पिछले महीने हुए एक अन्य बड़े मामले के बाद हुई है, जिसमें खुद को बाबा बताने वाले अशोक खरात को रेप और यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस घटना के बाद पुलिस और प्रशासन पहले से ही सतर्क था, जिसके चलते इस मामले में भी तेजी से कदम उठाए गए। पुलिस कमिश्नर ने महिलाओं से अपील की है कि अगर उनके साथ किसी भी तरह का उत्पीड़न होता है, तो वे आगे आकर शिकायत करें। इसके लिए व्हाट्सएप नंबर 9923323311 और इमरजेंसी नंबर 112 जारी किया गया है। साथ ही यह भी भरोसा दिलाया गया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
पुणे- महिला ने 11 महीने की बेटी को उतारा मौत के घाट
पुणे से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां पुलिस ने 22 साल की एक महिला को अपने ही 11 महीने के बेटे की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह घटना पुणे जिले के रंजनगांव एमआईडीसी इलाके की है। पुलिस के अनुसार, यह वारदात 8 मार्च को हुई थी, लेकिन महिला को सोमवार को गिरफ्तार किया गया। महिला के पति ने पिछले महीने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी अपने बच्चे को लेकर घर से चली गई है। पुलिस ने उसे 5 अप्रैल को जांबुत गांव में ढूंढ निकाला।
शुरुआत में महिला ने पुलिस को बताया कि बच्चा गिरने से मर गया था। उसने डर के कारण बच्चे के शव को एक बैग में भरकर खेत के कुएं में फेंक दिया। इसी बयान के आधार पर पहले हादसे का मामला दर्ज किया गया था। लेकिन पुलिस को महिला की बातों में शक हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर महिला ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह बच्चे के रोने से परेशान रहती थी और अपने पति को छोड़कर किसी और से शादी करना चाहती थी। उसे लग रहा था कि बच्चा उसके रास्ते में बाधा है।
इसी वजह से उसने गुस्से में आकर बच्चे का सिर पत्थर पर मारकर उसकी हत्या कर दी और बाद में शव को कुएं में फेंक दिया। पुलिस ने कुएं से बच्चे का सड़ा हुआ शव बरामद किया, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया गया। फिलहाल पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे जांच जारी है।