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Maharashtra: आरक्षण पर मनोज जरांगे का कल से अनशन; सावरकर सदन गिराने के प्रस्ताव पर हिंदू संगठनों का प्रदर्शन

Fri, 29 May 2026 06:11 PM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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महाराष्ट्र की बड़ी खबरें - फोटो : अमर उजाला
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मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे शनिवार से जालना के अंतरवाली सराटी गांव में अपना अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करने जा रहे हैं। अनशन से एक दिन पहले उन्होंने देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार पर तीखा हमला बोला। जरांगे ने आरोप लगाया कि सरकार मराठा समुदाय के साथ भेदभाव कर रही है और उनकी 'अग्निपरीक्षा' ले रही है। जरांगे ने इस आंदोलन को अब तक का सबसे कठिन और अभूतपूर्व बताया है। वे इस बार चिलचिलाती धूप में बिना किसी शेल्टर के बैठेंगे। उनकी मुख्य मांग है कि सभी मराठों को कुनबी पहचान दी जाए, जिससे उन्हें ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार पिछले 10 महीनों से केवल फैसले टाल रही है, जिससे छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है।
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जरांगे ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है, तो वे भी दो दिन ऐसी ही भीषण गर्मी में बैठकर दिखाएं। उन्होंने पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारी युवाओं को हिरासत में लेने और पुराने केस वापस न लेने पर भी नाराजगी जताई। जरांगे ने कहा कि मराठा समुदाय के वोटों से ही यह सरकार सत्ता में आई है, लेकिन अब उनके साथ ही अन्याय हो रहा है। दूसरी ओर, बीजेपी नेता प्रसाद लाड ने जरांगे से अनशन न करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी उम्मीदें पूरी करने के लिए काम कर रही है। वहीं, ओबीसी संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर उनके आरक्षण के साथ कोई छेड़छाड़ हुई, तो वे पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन करेंगे। खराब सेहत के बावजूद जरांगे अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।

सावरकर सदन को गिराने के प्रस्ताव पर भड़के हिंदू संगठन, रत्नागिरी में किया बड़ा प्रदर्शन
हिंदू जनजागृति समिति और कई अन्य संगठनों ने शुक्रवार को रत्नागिरी में जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध मुंबई के सावरकर सदन को गिराकर वहां कथित तौर पर पुनर्विकास करने के प्रस्ताव के खिलाफ था। इसी घर में हिंदुत्व विचारक वीडी सावरकर 1938 से 1966 तक रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि राज्य या केंद्र सरकार इस संपत्ति को तुरंत अपने कब्जे में ले और इसे राष्ट्रीय स्मारक घोषित करे। समिति के समन्वयक सुनील घनवट ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुंबई में जिन्ना हाउस सुरक्षित है, लेकिन सावरकर के घर को बिल्डर लॉबी से खतरा है।

समिति का आरोप है कि बीएमसी ने 2010 में ही इसे विरासत सूची में डालने की सिफारिश की थी, लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने 15 साल से इस पर कोई फैसला नहीं लिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस स्थान को संग्रहालय, डिजिटल लाइब्रेरी और शोध केंद्र में बदलने की अपील की। इस प्रदर्शन में भाजपा, वीएचपी, आरएसएस और सनातन संस्था के सदस्य भी शामिल हुए। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो पूरे महाराष्ट्र में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
 
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महाराष्ट्र: ताला और जंजीर लेकर सीबीआई मुख्यालय प्रदर्शन करने पहुंचे रोहित पवार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने शुक्रवार को सीबीआई मुख्यालय के बाहर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। वे अपने साथ ताला और भारी लोहे की जंजीर लेकर पहुंचे। रोहित पवार पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान हादसे में हुई मौत के मामले में सीबीआई जांच न होने से नाराज हैं।

हादसे के चार महीने बाद भी किसी केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच शुरू न किए जाने पर उन्होंने तीखा हमला बोला। रोहित ने आरोप लगाया कि एजेंसियां प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रही हैं। उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से दफ्तर को ताला लगाने की कोशिश करते हुए कहा कि वातानुकूलित कमरों में बैठे अधिकारी सार्वजनिक धन की बर्बादी कर रहे हैं। उन्होंने संदेह जताया कि विमान हादसे के पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है और आरोप लगाया कि एक बड़ी ताकत विमान ऑपरेटर वीएसआर वेंचर्स को बचा रही है।
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