मुआवजे में देरी पर कोर्ट सख्त, कलेक्टर की कुर्सी जब्त करने का आदेश
छत्रपति संभाजीनगर में किसानों को अतिरिक्त मुआवजा देने में देरी करना जिला प्रशासन को भारी पड़ गया। अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए कलेक्टर की कुर्सी जब्त करने का आदेश तक दे दिया। यह मामला एक सिंचाई परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई जमीन से जुड़ा है, जिसमें किसानों को अब तक पूरा मुआवजा नहीं मिला था। सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत ने जिला प्रशासन को आदेश दिया था कि किसानों को 2.22 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुआवजा दिया जाए। लेकिन प्रशासन ने तय समय पर इस आदेश का पालन नहीं किया। इसके बाद अदालत ने मंगलवार को कलेक्टर की कुर्सी जब्त करने का आदेश जारी कर दिया। यह आदेश प्रशासन के लिए बड़ी शर्मिंदगी का कारण बन सकता था।
जब याचिकाकर्ता किसानों के वकील और कोर्ट का एक अधिकारी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, तब प्रशासन हरकत में आया। इसके बाद जिला प्रशासन ने लिखित में आश्वासन दिया कि वह आठ सप्ताह के भीतर किसानों को पूरे 2.22 करोड़ रुपये का भुगतान कर देगा। इस लिखित आश्वासन के बाद फिलहाल कलेक्टर की कुर्सी जब्त करने की कार्रवाई टाल दी गई। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर तय समय में मुआवजा नहीं दिया गया, तो सख्त कदम उठाए जाएंगे।