महाराष्ट्र के ठाणे में एक लड़की का अपहरण करने और उसे शादी के लिए मजबूर करने के आरोप में 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उनमें से सात की पहचान कर ली गई है। 18 वर्षीय शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसे सबसे पहले मंदिर दर्शन के बहाने गुजरात में नवसारी ले जाया गया था। उसके बाद उसे एक रिश्तेदार के घर पर ले जाया गया। लड़की ने नाबालिग को बताया कि रिश्तेदार उसपर एक आरोपी से शादी के लिए दबाव बनाने लगे। 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
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ठाणे में नौकरी के लिए फर्जीवाड़े का भी खुलासा
ठाणे में उत्पाद शुल्क विभाग में नौकरी हासिल करने के लिए सरकारी अधिकारी के नाम वाले फर्जी पत्र का इस्तेमाल करने के आरोप में ठाणे पुलिस ने एक मामला दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि पिछले साल आबकारी विभाग के एक शीर्ष अधिकारी की मुहर और नामवाला फर्जी पत्र ठाणे सिविल अस्पताल को भेजा गया था, जिसमें विभाग के लिए चुने गए दो उम्मीदवारों की मेडिकल जांच का निर्देश दिया गया था।
मेडिकल टेस्ट किया गया और बाद में उम्मीदवारों को जिले के मुरबाड और शाहपुर क्षेत्रों में उत्पाद शुल्क उप-निरीक्षक के रूप में नियुक्त किया गया। एक शिकायत ने नियुक्ति के संबंध में धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों का खुलासा किया। एक अधिकारी ने बताया कि राज्य शुल्क अधीक्षक की शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
पालघर: बंद रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन की चपेट में आने से दो मौत
पालघर में बंद रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन की चपेट में आने से दो लोगों की मौत, एक शख्स के घायल होने की सूचना है। रेल अधिकारियों ने इस जानकारी को साझा किया है।
घाटकोपर पश्चिम में तेज रफ्तार वाहन ने पांच को रौंदा
मुंबई के घाटकोपर पश्चिम के चिराग नगर में एक तेज रफ्तार टेम्पो ने पांच लोगों को कुचल दिया, जिसमें एक महिला की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। घायलों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले में मुंबई पुलिस ने टेम्पो चालक उत्तम बबन खराट को हिरासत में लिया है और टेम्पो को जब्त कर लिया है।
दुष्कर्म में गिरफ्तारी को अवैध बताने वाला मजिस्ट्रेट का दृष्टिकोण अतितकनीकी- सेशन कोर्ट
मुंबई महानगर की एक सत्र अदालत ने दुष्कर्म के आरोपी फिल्म निर्माता गुणवंत जैन को राहत देने वाले मजिस्ट्रेट के दृष्टिकोण को अतितकनीकी करार दिया है। मजिस्ट्रेट ने इस आधार पर गुणवंत जैन को राहत दे दी थी कि उसे गिरफ्तारी के चार मिनट बाद उसके कारणों के बारे में जानकारी दी गई थी। 38 वर्षीय मॉडल से दुष्कर्म के आरोप में गुणवंत जैन को 21 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस ने गुणवंत जैन को अंधेरी में मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया था और पांच दिन की हिरासत मांगी थी। लेकिन मजिस्ट्रेट ने गुणवंत जैन को इस आधार पर तुरंत रिहा करने का आदेश दिया कि उसे गिरफ्तारी के चार मिनट बाद उसके कारणों के बारे में सूचित किया गया जो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) का उल्लंघन है। इसके बाद पुलिस ने मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ सत्र अदालत (दिंडोशी) के समक्ष एक पुनरीक्षण आवेदन दायर किया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (डिंडोशी कोर्ट) डीजी ढोबले ने 24 दिसंबर को पुनरीक्षण आवेदन की अनुमति दी और फिल्म निर्माता को संबंधित पुलिस स्टेशन (वर्सोवा) के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। यह भी कहा कि अगर गुणवंत जैन आत्मसमर्पण नहीं करते तो जांच अधिकारी उन्हें गिरफ्तार करे।
मजिस्ट्रेट की अदालत में गुणवंत जैन के वकील ने दलील दी थी कि 21 नवंबर को गुणवंत जैन को रात 10:56 बजे गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन गुणवंत जैन या उनके परिजनों को पुलिस ने रात 11 बजे बताया कि उन्हें किस आधार पर गिरफ्तार किया गया है। सत्र न्यायाधीश ने कहा कि कानून के तहत गिरफ्तारी के आधार की तत्काल सूचना देना अनिवार्य है। तत्काल का अर्थ कहीं भी परिभाषित नहीं किया गया है, लेकिन मेरे विचार में, यह कानूनी अर्थ के अनुसार परिस्थितियों में उचित समय के भीतर होना चाहिए।