ठाणे में 29 वर्षीय एक विचाराधीन कैदी ने कल्याण स्थित एक जेल से ठाणे केंद्रीय कारागार में स्थानांतरित किए जाने का विरोध करते हुए पुलिस वैन में अपने मुंह में रखे ब्लेड से अपनी गर्दन पर वार कर आत्महत्या की कोशिश की। गुरुवार सुबह जब कैदी सूरज शंकर सिंह उर्फ वीरेंद्र मिश्रा को कल्याण जेल से पुलिस वैन में ले जाया जा रहा था तो आधारवाड़ी सिग्नल के पास उसने ब्लेड से गर्दन काटने का प्रयास किया।
अफसरों ने बताया कि कैदी मिश्रा ने ठाणे सेंट्रल जेल में अपने तबादले का विरोध किया था। उसने एस्कॉर्ट टीम के सदस्यों से झगड़ा किया और अपने मुंह में छिपाए ब्लेड का टुकड़ा निकाल लिया। उसने पुलिस कर्मियों से कहा कि उसे कल्याण जेल वापस ले चलो और अपनी गर्दन काटने की धमकी दी। अधिकारी ने बताया कि जब एस्कॉर्ट टीम ने उसे मनाने की कोशिश की, तो उसने टीम के एक सदस्य को धक्का देकर अपनी गर्दन काट ली, जिससे वह घायल हो गया।
शिवसेना नेता हत्या मामले में चार को आजीवन कारावास
ठाणे जिले की एक अदालत ने 2014 में शिवसेना नेता मोहन राउत की हत्या के मामले में चार लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश एएन सिरसीकर ने आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दोषी ठहराया, लेकिन महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका अधिनियम) और शस्त्र अधिनियम के तहत आरोपों को खारिज कर दिया। अदालत ने इस मामले में तीन अन्य लोगों को भी बरी कर दिया।
अदालत ने चंद्रकांत उर्फ पिंट्या बलराम म्हस्कर (39), गंगाराम उर्फ गंग्या आत्माराम लिंगे (44), योगेश नारायण राउत (45) और अजय उर्फ अजय गजानन गुरव (37) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर तीन महीने की कठोर कारावास की सजा होगी। शिवसेना की बदलापुर शहर इकाई के उप प्रमुख मोहन राउत की 23 मई 2014 की रात को उनके कार्यालय में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।