नकली नोट गिरोह के चार सदस्यों को 5 से 7 साल का सश्रम कारावास
मुंबई की एक विशेष एनआईए अदालत ने नकली भारतीय मुद्रा नोट (एफआईसीएन) सिंडिकेट के चार सदस्यों को 5 से 7 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। एनआईए ने कहा, समीर और मोहम्मद शादाब को सोमवार को क्रमश: 7 साल और 5 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। उन दोनों पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त कारावास की सजा होगी। अनीस और किशोर को मंगलवार को 5 साल और 9 महीने के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई और प्रत्येक पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त कारावास की सजा होगी।
यह मामला अक्तूबर 2018 में महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी में वडपे के पास साई ढाबा के नजदीक एक पान की दुकान से 203 नकली नोटों की जब्ती से संबंधित है। नोटों का अंकित मूल्य 4.78 लाख रुपये था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी के बयान के अनुसार, यह जब्ती पांच व्यक्तियों से की गई थी। एनआईए की जांच में पता चला कि चारों दोषी देश के विभिन्न शहरों में नकली नोट चलाते थे। वे हाईवे की दुकानों से छोटी-मोटी चीजें खरीदते और 2000 रुपये के नकली नोट देकर बाकी पैसे रखने को कहते थे।
पिंपरी चिंचवाड में कबाड़ गोदा में लगी आग
महाराष्ट्र में पुणे स्थित पिंपरी चिंचवाड़ के मोशी रोड पर एक कबाड़ गोदाम में आग लग गई। गोदाम में आग भड़कते देख लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को घटना की सूचना दी। सूचना पर मौके पर पहुंची दमकल विभाग की टीम ने तुरंत आग पर काबू पाया। दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।