बारामती से सांसद और एनसीपी प्रमुख शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने कहा कि विधायक सुनील टिंगरे ने उनके पिता शरद पवार को कानूनी नोटिस भेजा है। इसमें विधायक ने पुणे पोर्श केस में उन्हें बदनाम न करने के लिए कहा है। सुले ने कहा कि जिस व्यक्ति को पार्टी ने पिछली बार टिकट दिया था, उसने अब नोटिस भेजा है कि अगर पोर्श कार मामले में उन्हें बदनाम किया गया तो वह शरद पवार को अदालत में घसीटेंगे। मगर शरद पवार प्रवर्तन निदेशालय के नोटिस से भी नहीं डरते। तो वह आपके नोटिस से डरेंगे? टिंगरे के नोटिस पर हम गौर करेंगे। अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी से चुनाव लड़ रहे सुनील टिंगरे पर पुणे पोर्श दुर्घटना मामले में आरोपियों को बचाने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने का आरोप है। वहीं विधायक सुनील टिंगरे ने कहा कि मैनें शरद पवार को कोई नोटिस जारी नहीं किया है। हाल ही में पार्टी के कुछ नेताओं और प्रवक्ताओं ने एक मामले में मुझे बदनाम किया और मेरे खिलाफ कई बयान दिए। चुनाव के दौरान गलत जानकारी नहीं फैलाई जाए। इसलिए, मैंने महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के कुछ पार्टी नेताओं को नोटिस भेजा है। मैंने शरद पवार को कोई विशेष नोटिस नहीं भेजा है।
किसे एकजुट करने की कोशिश कर रहे प्रधानमंत्री: राउत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक हैं तो सुरक्षित हैं वाले बयान पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री को ऐसी बातें कहने की क्या जरूरत पड़ गई है। बटेंगे तो कटेंगे यहां काम नहीं आया और महाराष्ट्र के लोगों ने इसे उखाड़ फेंका। अब वह एक हैं तो सुरक्षित हैं वाला बयान लेकर आए हैं। राउत ने कहा कि पीएम किसे एकजुट करने और किसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं? क्या राज्य और देश के सभी लोग आपके नहीं हैं? हम महाराष्ट्र में सुरक्षित हैं। हम और अधिक सुरक्षित रहना चाहते हैं इसलिए हम भाजपा को उखाड़ फेंकेंगे।