महाराष्ट्र में जलगांव के कलेक्टर आयुष प्रसाद ने बताया कि उत्तराखंड के उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने से आई अचानक बाढ़ के बाद जिले के 16 लोगों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। उन्होंने बताया कि जलगांव जिले के 19 लोग उत्तरकाशी में हैं, जिनमें से तीन लोगों से संपर्क हो गया है। 16 लोगों से अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार और जलगांव जिला प्रशासन, लापता व्यक्तियों का पता लगाने के लिए उत्तराखंड सरकार और उत्तरकाशी जिला प्रशासन के साथ सक्रिय रूप से समन्वय कर रहे हैं। हमें उत्तराखंड सरकार से पूरा सहयोग मिल रहा है।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष का दावा- खेवलकर के फोन में मिले सैकड़ों आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें
महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने गुरुवार को दावा किया कि शरद पवार गुट के नेता एकनाथ खड़से के दामाद प्रंजल खेवलकर के मोबाइल फोन से महिलाओं की सैकड़ों आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो मिले हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में मानव तस्करी की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता और पुलिस को इस एंगल से जांच करनी चाहिए। एकनाथ खड़से ने चाकणकर के आरोपों को एक साजिश बताया।
पिछले महीने पुणे पुलिस की अपराध शाखा ने शहर के पॉश खराड़ी इलाके में एक अपार्टमेंट पर छापेमारी की थी और वहां से प्रंजल खेवलकर सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया था। वहां से कोकीन, गांजा, हुक्का सेट-अप और शराब बरामद हुई थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में रूपाली चाकणकर ने कहा कि आयोग ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर 'रेव पार्टी' की एसआईटी जांच की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से 'जबरन देह व्यापार' और मानव तस्करी के पहलू पर ध्यान देने को कहा है।
उन्होंने बताया कि खेवलकर के मोबाइल में एक छिपे हुए फोल्डर में 252 वीडियो और 1,497 आपत्तिजनक तस्वीरें मिली हैं। उन्होंने दावा किया कि इनका इस्तेमाल लड़कियों को ब्लैकमेल करने के लिए किया जाता था। चाकणकर ने मांग की कि आरोपियों के मोबाइल फोन, ईमेल और पैसों के लेनदेन की भी जांच होनी चाहिए। जब इस पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो एकनाथ खड़से ने कहा कि पुलिस ने परिवार को इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि चाकणकर इस मामले में इसलिए दखल दे रही हैं, क्योंकि यह उनकी बेटी रोहिणी खड़से से जुड़ा है, जो राकांपा (शरदचंद्र पवार) की महिला इकाई की अध्यक्ष हैं।
आरएसएस प्रमुख ने किया प्रदर्शनी का अवलोकन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को नागपुर में एक प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जहां छत्रपति शिवाजी महाराज का प्रसिद्ध हथियार ‘वाघ-नख’ (बाघ के पंजे जैसे नुकीले हथियार) प्रदर्शित किया गया था। उन्होंने इस ऐतिहासिक हथियार को देखने के बाद कहा कि हर किसी को यह देखना चाहिए, क्योंकि यह हमें हमारे शौर्य और वीरता के इतिहास की याद दिलाता है।
यह प्रदर्शनी ‘शिवशस्त्र शौर्यगाथा’ के नाम से लगाई गई है, जिसमें मराठा योद्धाओं द्वारा इस्तेमाल किए गए कई ऐतिहासिक हथियारों को दिखाया जा रहा है। मीडिया से बात करते हुए भागवत ने कहा,
छत्रपति शिवाजी महाराज का वाघ-नख हमारी वीरता के इतिहास की याद दिलाता है। हर किसी को इसे देखना चाहिए। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह हथियार लंदन के विक्टोरिया एंड अल्बर्ट म्यूजियम के साउथ एशियन संग्रह का हिस्सा है।
बताया जाता है कि यह वाघ-नख 17वीं सदी में दक्षिण भारत में बनाया गया था। यह स्टील से बना हुआ है और इसमें एक ठोस धातु की पट्टी होती है जिसमें चार मुड़े हुए, बेहद धारदार पंजे लगे होते हैं। इसके दोनों सिरों पर अंगूठी जैसी आकृति होती है जिससे इसे हथेली में छिपाकर रखा जा सकता है। यह विशेष रूप से बाएं हाथ के लिए बनाया गया था।
एनसीपी (एसपी) नेता बाबाजानी दु्र्रानी कांग्रेस में शामिल
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता और पूर्व विधायक बाबाजानी दु्र्रानी गुरुवार को अपने समर्थकों के साथ विपक्षी पार्टी कांग्रेस में शामिल हो गए। पत्रकारों से बात करते हुए दु्र्रानी ने कहा कि क्षेत्रीय पार्टियों का प्रभाव अब कम हो रहा है और भविष्य में लोगों के पास सिर्फ दो ही विकल्प होंगे— कांग्रेस या सत्तारूढ़ भाजपा। उन्होंने कहा, क्षेत्रीय पार्टियों का क्या होगा, यह समय ही बताएगा।
गौरतलब है कि शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, कांग्रेस की सहयोगी पार्टी है। बाबाजानी दु्र्रानी का कांग्रेस में स्वागत करते हुए महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल और पार्टी नेता अमित देशमुख ने उन्हें जमीनी नेता बताया और कहा कि उनकी मौजूदगी से पार्टी संगठन को मजबूती मिलेगी। 2023 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के टूटने के बाद दु्र्रानी ने शरद पवार के गुट का समर्थन किया था। परभणी जिले से आने वाले दु्र्रानी 2004 से 2009 तक पाथरी विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं।
सरकार ने मराठी फिल्म ‘खालिद का शिवाजी’ को लेकर केंद्र को भेजा पत्र
मराठी फिल्म ‘खालिद का शिवाजी’ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि इस फिल्म को सेंसर बोर्ड (सीबीएफसी) से मिली मंजूरी पर पुनर्विचार किया जाए और जब तक फैसला न हो, तब तक इसकी रिलीज रोकी जाए। यह फिल्म आठ अगस्त को रिलीज होनी है।
राज्य के संस्कृति सचिव किरण कुलकर्णी ने बुधवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव को पत्र भेजा। यह कदम तब उठाया गया जब कुछ दक्षिणपंथी संगठनों ने आरोप लगाया कि इस फिल्म में छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास को तोड़-मरोड़कर दिखाया गया है। पत्र में कहा गया है कि इस फिल्म के मौजूदा रूप में प्रदर्शन से कानून व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है। पत्र में बताया गया है कि सरकार को पांच अगस्त को निलेश भिसे नाम के दक्षिणपंथी कार्यकर्ता से एक लिखित शिकायत मिली, जिसमें उन्होंने फिल्म के ट्रेलर को देखकर यह आरोप लगाया कि उसमें कुछ संवाद तथ्यात्मक रूप से गलत हैं और इससे जनता की भावनाएं आहत हो सकती हैं।
मुंबई में हाल ही में हुए राज्य फिल्म पुरस्कार समारोह के दौरान भी कुछ लोगों ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाने या आपत्तिजनक संवादों को हटाने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। पत्र में मंत्रालय से अनुरोध किया गया है कि वह सेंसर बोर्ड को फिल्म के प्रमाणपत्र की फिर से समीक्षा करने का निर्देश दे और तब तक इसके रिलीज को स्थगित रखे।
शिवसेना यूबीटी के उपनेता विट्ठल ने दिया इस्तीफा
शिवसेना (यूबीटी) के उपनेता विट्ठल मोरे ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। एक दिन पहले ही उन्होंने मुंबई में उद्धव ठाकरे के आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लिया था। मोरे ने अपने त्यागपत्र में पार्टी के भीतर हाल के घटनाक्रमों पर गहरा असंतोष जताया। मोरे ने कहा, 'आज 'सामना' में पार्टी पदाधिकारियों की एक सूची प्रकाशित हुई। मुझे इससे पहले इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई थी।' वह नवी मुंबई के बेलापुर विधानसभा क्षेत्र में एक दशक से भी ज्यादा समय से सक्रिय हैं। मोरे ने महायुति सरकार द्वारा लक्षित उत्पीड़न का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आदेश पर मेरे होटल पर आधी रात को तीन बार छापेमारी की गई। नगर निगम और पुलिस ने तब निर्णायक कार्रवाई की जब वहां कोई अनधिकृत निर्माण नहीं था।