चोरी के एक मामले में गिरफ्तार 26 वर्षीय युवक ने मुंबई के सहार पुलिस थाने में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान अंकित रामजी राय के रूप में हुई और उसे पिछले महीने चोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। रविवार रात को उसने कथित तौर पर पुलिस थाने के बाथरूम में खिड़की से रूमाल का उपयोग कर फांसी लगा ली। पुलिस ने दुर्घटनावश मौत की रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज कर ली है और घटना की जांच जारी है।
धोखाधड़ी मामले में न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व सीईओ को अदालत ने अग्रिम जमानत दी
मुंबई की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एन. जी. शुक्ला ने पांच जुलाई को न्यू इंडिया को‑ऑपरेटिव बैंक के पूर्व सीईओ अभिमन्यु भोआन को अग्रिम जमानत दी है। उनके खिलाफ धोखाधड़ी और विश्वासघात के आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अदालत ने यह कहते हुए उन्हें राहत दी कि प्रारंभिक जांच में उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला।
भोआन फिलहाल आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की एक अन्य संबंधित जांच के मद्देनजर फरवरी से न्यायिक हिरासत में हैं। आरोप है कि भोआन, बैंक के तत्कालीन अध्यक्ष (दिवंगत) रणजीत भवनु और उपाध्यक्ष गौरी भवनु ने बैंक के ऋण की बकाया राशि 79.90 करोड़ रुपये के बदले परसेप्ट समूह से 61.34 करोड़ रुपये की वन‑टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) स्वीकार किया, जिससे बैंक को 18.56 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। आरोप है कि समूह ने भोआन समेत आरोपियों के खातों में 6.37 करोड़ रुपये जमा किए।
भोआन के वकील वेस्ले मोनेजा ने अदालत को बताया कि भोआन सितंबर 2019 में सीईओ बने और ओटीएस के फैसले में उनकी कोई भूमिका नहीं थी, जबकि पहले भी ऐसी मांग खारिज की जा चुकी थी। ओटीएस अक्तूबर 2023 में आरबीआई की जून 2023 की गाइडलाइन के अनुसार बोर्ड द्वारा स्वीकार की गई थी।
राहत वितरण में अनियमितता: जालना में 21 तलाठियों और कर्मचारियों को किया गया निलंबित
महाराष्ट्र के राज्य मंत्री मकरंद जाधव ने मंगलवार को जानकारी दी कि अनियमित बारिश, ओले व अन्य प्राकृतिक आपदाओं के मद्देनजर बांटी गई राहत मदद के वितरण को लेकर जालना जिले से कुल 21 तलाठियों (पटवारी) और लिपिकों (क्लर्क) को निलंबित कर किया गया है।
विधानसभा में पूछे गए प्रश्न के जवाब में राज्य के राहत और पुनर्वास मंत्री जाधव ने बताया कि 2022–23 के लिए राज्य सरकार ने अनियमित बारिश और आपदाओं के कारण जालना जिले को ₹522.29 करोड़ की सहायता दी थी। इसमें से ₹112.63 करोड़ अम्बाड और ₹11.77 करोड़ घनसवंगी तालुका को प्रदान किए गए, लेकिन इन दो तालुकों में अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्त हुईं।
जांच के अनुसार, जनवरी में गठित एक समिति ने अम्बाड के 138 और घनसवंगी के 115 गांवों में से क्रमशः 122 और 59 गांवों में अनियमितताओं का खुलासा किया। अप्रैल में पेश की गई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, 14,549 खाताधारकों को राहत राशि दी गई और कुल ₹34.97 करोड़ उनके खातों में ट्रांसफर किए गए।
मंत्री ने बताया कि साल 2022–23 और 2023–24 में तत्कालीन तहसीलदारों की लॉगिन आईडी के दुरुपयोग की घटना सामने आई, जिससे आपदा राहत वितरण में गड़बड़ी हुई। इसी रिपोर्ट के आधार पर 21 तलाठियों और क्लर्कों को तत्काल निलंबित कर दिया गया।
गोंदिया, भंडारा जिलों में भारी बारिश से सड़कें जलमग्न, दूरदराज के गांव कटे
लगातार हो रही भारी बारिश ने महाराष्ट्र के गोंदिया और भंडारा जिलों के कई हिस्सों में सड़कों को जलमग्न कर दिया। इससे दूरदराज के गांवों के गांवों का संपर्क कट गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
भंडारा की वैनगंगा नदी खतरे के निशान को पार कर गई है और प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और जल निकायों के पास जाने से बचने का आग्रह किया है। प्रशासन के अनुसार, भंडारा में गोसे खुर्द बांध के सभी 33 गेट और गोंदिया जिले के पुजारितोला बांध के चार गेट खोल दिए गए हैं। पुलिस ने बताया कि मसुलकासा घाट पर नागपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर एक भू-स्खलन ने वाहनों की आवाजाही बाधित कर दी है और मलबा हटाने के प्रयास जारी हैं।
भारी बारिश और बाढ़ के कारण गोंदिया के आमगांव तहसील में जावरी-किदंगिपार, सादक अर्झुनी तहसील में गिरोला-घाटेगांव और तिरोरा तहसील में घाटकुरोदा-घोगरा मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई है, जबकि भंडारा जिले में कई सड़कें बंद कर दी गई हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी राजन चौबे ने बताया कि गोंदिया के 41 प्रशासनिक परिसरों में से 33 में पिछले 24 घंटों में लगातार बारिश हुई है। भंडारा में वैनगंगा नदी मंगलवार दोपहर 245 मीटर के खतरे के निशान को पार कर गई। पिछले 24 घंटों में भंडारा के लखनदूर तहसील में सबसे अधिक 164.7 मिमी बारिश हुई, इसके बाद पौनी में 155.1 मिमी और तुमसर में 147.6 मिमी बारिश दर्ज हुई।
महिला सहकारी समितियों को विकास कार्य सौंपने पर विचार कर रही है महाराष्ट्र सरकार: फडणवीस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को विधान परिषद में बताया कि महाराष्ट्र सरकार पंजीकृत महिला सहकारी समितियों को 10 लाख रुपये तक के विकास कार्य सौंपने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने विधायक प्रकाश सोलंके द्वारा बीड जिले के माजलगांव में सिंचाई संबंधित कार्यों के आवंटन पर लाये गए ध्यान आकर्ष नोटिस का जवाब देते हुए कहा कि वर्तमान लोक निर्माण विभाग के दिशा-निर्देश मजदूर सहकारी समितियों, शिक्षित बेरोजगार अभियंताओं और पात्र पंजीकृत ठेकेदारों को ऐसे कार्य आवंटित करते हैं।
महाराष्ट्र विधानसभा ने सीजेआई गवई का किया अभिनंदन
महाराष्ट्र विधानसभा ने मंगलवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई को शीर्ष पद पर पदोन्नत होने पर बधाई दी। अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने विधानसभा में बधाई प्रस्ताव पेश किया और कहा कि गवई की नियुक्ति गर्व की बात है। प्रस्ताव सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। 24 नवंबर 1960 को महाराष्ट्र के अमरावती में जन्मे न्यायमूर्ति गवई को 14 नवंबर 2003 को बॉम्बे उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था। उन्होंने 14 मई को भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) के रूप में शपथ ली, उन्होंने मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना का स्थान लिया। उनके पिता आरएस गवई महाराष्ट्र विधान परिषद के अध्यक्ष के साथ-साथ बिहार, सिक्किम और केरल के राज्यपाल भी रह चुके थे।
मनसे नेता पुलिस हिरासत में
ठाणे में फूड स्टॉल मालिक को थप्पड़ मारने के खिलाफ व्यापारियों के विरोध प्रदर्शन के जवाब में रैली से पहले मनसे नेता अविनाश जाधव को पुलिस हिरासत में लिया गया।
नए कानून से नक्सलियों पर कसेगा शिकंजा
महाराष्ट्र सरकार शहरी इलाकों में नक्सलवाद और उससे सहानुभूति रखने वालों पर लगाम लगाने के लिए नया कानून लाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को इस प्रस्तावित कानून के मसौदे की समीक्षा की। यह नए कानून से नक्सलियों पर कसेगा शिकंजाबिल मानसून सत्र में विधानसभा में पेश किया जाएगा। इस विधेयक का नाम महाराष्ट्र विशेष लोक सुरक्षा विधेयक है, जिसे राज्य विधानमंडल की संयुक्त चयन समिति ने अंतिम रूप दिया है।
मामले में एक अधिकारी ने बताया कि संयुक्तनए कानून से नक्सलियों पर कसेगा शिकंजा समिति द्वारा तैयार मसौदे की प्रस्तुति की गई और यह विधेयक इस सप्ताह या अगले सप्ताह विधानसभा में पेश किया जाएगा। यह कानून ऐसे व्यक्तियों और संगठनों की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है, जिनका नक्सलवाद से सीधा या परोक्ष संबंध है।
बता दें कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस बिल को सबसे पहले दिसंबर में नागपुर में हुई शीतकालीन सत्र के दौरान दोबारा पेश किया था। इसके बाद इसे राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता वाली समिति को विचार के लिए भेजा गया था। इस समिति को लगभग 12,000 आपत्तियां और सुझाव इस बिल के संबंध में प्राप्त हुए, जिन्हें ध्यान में रखते हुए इसे संशोधित किया गया है।