सूटकेस में महिला का शव मिलने के मामले में लातूर पुलिस ने पति समेत पांच को किया गिरफ्तार
लातूर पुलिस ने बृहस्पतिवार को बताया कि पिछले महीने एक सूटकेस में महिला का शव मिला था। पुलिस ने महिला के पति समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर मामले को सुलझा लिया है। एक अधिकारी ने बताया कि 24 अगस्त को वडवाना थाना क्षेत्र के अंतर्गत चाकूर-शेलगांव फाटा के पास तिरु नदी में फेंके गए एक सूटकेस में महिला का सड़ा-गला शव मिला था। उन्होंने बताया कि जांच दल को उदगीर निवासी चीनी मिल में काम करने वाले जिया-उल-हक (34) की गुमशुदगी की शिकायत मिली थी। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कुशीनगर का रहने वाला है। पूछताछ करने पर उसने पुलिस को बताया कि उसे शक है कि उसकी पत्नी फरीदा, जो उत्तर प्रदेश में रहती है का किसी और पुरुष के साथ संबंध है। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त को उसने और एक अन्य व्यक्ति ने फरीदा का तकिये से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। जांच के आधार पर जिया-उल-हक, सज्जाद जारुल अंसारी (19), अरबाज जमलू अंसारी (19), साकिर इब्राहिम अंसारी (24) और आजम अली उर्फ गुड्डू को गिरफ्तार किया गया है, जो सभी कुशीनगर जिले के रहने वाले हैं।
दक्षिण मुंबई के उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग
मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे के पांच दिनों तक चले आंदोलन के बाद दक्षिण मुंबई में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इसके बाद, शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाने या उन्हें क्षेत्र के 'उच्च सुरक्षा, उच्च कार्य वाले क्षेत्रों' से स्थानांतरित करने की मांग की है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे एक पत्र में, देवड़ा ने कहा कि विरोध करने का अधिकार एक आवश्यक लोकतांत्रिक स्वतंत्रता है, लेकिन इसे आम नागरिकों के बिना किसी व्यवधान के रहने और काम करने के अधिकारों के साथ संतुलित किया जाना चाहिए। राज्यसभा सांसद ने कहा कि दक्षिण मुंबई न केवल राज्य के शासन का केंद्र है, बल्कि इसका राजनीतिक और आर्थिक केंद्र भी है। उन्होंने बताया कि दक्षिण मुंबई में महाराष्ट्र सरकार का सचिवालय, विधानसभा, बृहन्मुंबई नगर निगम मुख्यालय, मुंबई और महाराष्ट्र पुलिस के मुख्यालय और पश्चिमी नौसेना कमान स्थित हैं। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र वित्तीय संस्थानों का केंद्र भी है और यहां कॉर्पोरेट मुख्यालय और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा मौजूद है, जिस पर लाखों लोग प्रतिदिन निर्भर हैं। इसलिए दक्षिण मुंबई के उच्च-सुरक्षा, उच्च-कार्यशील क्षेत्रों से ऐसे विरोध प्रदर्शनों को प्रतिबंधित करने या उन्हें दूर स्थानांतरित करने के लिए आवश्यक कदम जाएं।