फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharashtra Updates: जेल से रिहा होकर घर पहुंचा गैंगस्टर अरुण गवली; ठाणे कारोबारी से सात लाख की ठगी

Thu, 04 Sep 2025 10:08 AM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
विज्ञापन
महाराष्ट्र की बड़ी खबरें - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
गैंगस्टर से नेता बने अरुण गवली अब मुंबई के दगड़ी स्थित अपने घर वापस आ गए हैं। वह सत्रह वर्षों से जेल में थे। उन्हें साल 2007 के एक हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है। बुधवार रात करीब नौ बजे जब वह नागपुर केंद्रीय जेल से निकलकर उड़ान से मुंबई पहुंचे, तो उनका घर पर भव्य स्वागत किया गया। उनके परिवार के लोग और समर्थक बड़ी संख्या में जमा हुए थे। 
विज्ञापन


पूर्व विधायक अरुण गवली (76 वर्षीय) के स्वागत में फूल बरसाए गए और गुलाल उड़ाया गया। उनके घर के बाहर मिठाइयां भी बांटी गईं। उनके परिवार के सदस्य बहुत खुश नजर आ रहे थे और जैसे ही वह घर में दाखिल हुए, सभी ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं। घर पर मीडिया के लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। अरुण गवली की पहचान दगड़ी चाल, बायकुला इलाके से बनी। वह अखिल भारतीय सेना नाम की पार्टी के संस्थापक हैं। साल 2004 से 2009 तक वह मुंबई के चिंचपोकली विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रहे। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते उन्हें जमानत दी। वह मुंबई के शिवसेना नगरसेवक कमलाकर जामसंदेकर की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे थे।

28 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के जज एम एम सुंदरेश और एन कोटेश्वर सिंह की बेंच ने यह देखते हुए जमानत दी कि गवली 17 साल से ज्यादा समय से जेल में हैं और उनकी अपील अब भी अदालत में लंबित है। एक अधिकारी ने बताया कि जेल विभाग की सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बुधवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे गवली जेल से बाहर आए। उनके परिवार के सदस्य, रिश्तेदार, वकील और समर्थक जेल के बाहर पहले से मौजूद थे और उन्होंने गवली का गर्मजोशी से स्वागत किया।
विज्ञापन

व्यवसाय बढ़ाने का झांसा देकर व्यापारी से सात लाख की ठगी
ठाणे शहर में तीन लोगों ने एक व्यापारी से उसका व्यापार बढ़ाने का झांसा देकर सात लाख रुपये की ठगी की। इसके साथ ही उन्होंने उसकी कंपनी का डाटा भी हैक कर लिया। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

पीड़ित ठाणे में हेयर ऑयल का कारोबार करता है। वागले एस्टेट थाने के एक अधिकारी ने बताया कि यह धोखाधड़ी पिछले तीन वर्षों में की गई। अमरावती के एक दंपती और उनका वाशिम में रहने वाला एक साथी पीड़ित कारोबारी के पास पहुंचे और कहा कि वे उसके कारोबार को बढ़ाने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि वे नई शाखा खोलेंगे, सॉफ्टवेयर तैयार करेंगे और प्रशिक्षित कर्मचारी भी देंगे। इस बहाने से उन्होंने व्यापारी से 7,01,500 रुपये ले लिए। 

आरोपियों ने कंपनी के सोशल मीडिया खातों तक भी पहुंच बना ली और बाद में उनके लॉगिन पासवर्ड भी बदल दिए। अधिकारी ने कहा कि उन्होंने सिस्टम हैक कर पासवर्ड रीसेट किए और कंपनी का डाटा अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया। वाशिम का व्यक्ति इस धोखाधड़ी में दंपती की मदद कर रहा था। जब व्यापारी को यह समझ में आया कि उसका डाटा हैक हो गया है और पैसे निकाल लिए गए हैं, तो उसने एक सितंबर को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(2) (विश्वासघात), 318(4) (धोखाधड़ी), और 3(5) (साझा इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा, सूचना प्रौद्योगिकी कानून के प्रावधानों के तहत भी मामला दर्ज हुआ है।

ठाणे: सड़क हादसे में तीन की मौत
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में मुंबई-नासिक राजमार्ग पर एक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। कार एक बड़े पत्थर से टकरा गई थी। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। 

पुलिस ने बताया कि दुर्घटना कसारा घाट इलाके में एक होटल के पास मंगलवार की रात दस बजे हुई। कसारा थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुरेश गवित ने बताया कि कार तेज गति और लापरवाही से चलाई जा रही थी और वह एक बड़े पत्थर से टकरा गई। इस टक्कर में कार में सवार तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चालक कूदकर फरार हो गया। मृतकों की पहचान रियाज हैसयत अली, असदुल्लाह और अफजल के रूप में हुई है। सभी उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे और उनकी उम्र 30 से 35 साल के बीच थी। 

उन्होंने बताया कि पुलिस ने कार चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और मोटर वाहन अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और कार चालक का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। 

एमएसीटी ने सड़क हादसे में चोट के लिए वकील को दिया 1.09 लाख रुपये का मुआवजा
मोटर दुर्घटना वादा अधिकरण (एमएसीटी) ने एक वकील को 2018 में हुए सड़क हादसे में हुई चोट के लिए 1.09 लाख रुपये का मुआवजा दिया है। वकील ने शुरू में 10 लाख रुपये मुआवजे का दावा किया था, लेकिन अधिकरण ने कहा कि उन्हें स्थायी से कोई विकलांगता नहीं हुई है। एमएसीटी ने कहा कि कोई प्रमाण नहीं है कि दुर्घटना के कारण वकील अपनी प्रैक्टिस नहीं कर पा रही हैं। इसलिए भविष्य में उनकी आय में कोई नुकसान नहीं हुआ। यह आदेश 30 अगस्त को दिया गया था और इसकी प्रति गुरुवार को उपलब्ध कराई गई।

वकील ने बताया कि 10 नवंबर 2018 को महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कल्याण शहर में एक कार तेज गति से और लापरवाही से उनकी स्कूटी से टकराई, जिससे उन्हें चोटें आईं। उनकी याचिका में उन्होंने 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग की थी। अधिकरण ने कहा कि यह दुर्घटना केवल कार चालक की लापरवाही के कारण हुई। कार मालिक ने चालक का ड्राइविंग लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किया, इसलिए यह माना गया कि चालक के पास वैध लाइसेंस नहीं था। अधिकरण ने कहा कि साक्ष्यों से साबित होता है कि दुर्घटना कार चालक की एकतरफा लापरवाही के कारण हुई, लेकिन वकील को स्थायी या आंशिक विकलांगता नहीं हुई है। 

सूटकेस में महिला का शव मिलने के मामले में लातूर पुलिस ने पति समेत पांच को किया गिरफ्तार
लातूर पुलिस ने बृहस्पतिवार को बताया कि पिछले महीने एक सूटकेस में महिला का शव मिला था। पुलिस ने महिला के पति समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर मामले को सुलझा लिया है। एक अधिकारी ने बताया कि 24 अगस्त को वडवाना थाना क्षेत्र के अंतर्गत चाकूर-शेलगांव फाटा के पास तिरु नदी में फेंके गए एक सूटकेस में महिला का सड़ा-गला शव मिला था। उन्होंने बताया कि जांच दल को उदगीर निवासी चीनी मिल में काम करने वाले जिया-उल-हक (34) की गुमशुदगी की शिकायत मिली थी। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कुशीनगर का रहने वाला है। पूछताछ करने पर उसने पुलिस को बताया कि उसे शक है कि उसकी पत्नी फरीदा, जो उत्तर प्रदेश में रहती है का किसी और पुरुष के साथ संबंध है। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त को उसने और एक अन्य व्यक्ति ने फरीदा का तकिये से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। जांच के आधार पर जिया-उल-हक, सज्जाद जारुल अंसारी (19), अरबाज जमलू अंसारी (19), साकिर इब्राहिम अंसारी (24) और आजम अली उर्फ गुड्डू को गिरफ्तार किया गया है, जो सभी कुशीनगर जिले के रहने वाले हैं।
विज्ञापन

दक्षिण मुंबई के उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग
मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे के पांच दिनों तक चले आंदोलन के बाद दक्षिण मुंबई में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इसके बाद, शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाने या उन्हें क्षेत्र के 'उच्च सुरक्षा, उच्च कार्य वाले क्षेत्रों' से स्थानांतरित करने की मांग की है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे एक पत्र में, देवड़ा ने कहा कि विरोध करने का अधिकार एक आवश्यक लोकतांत्रिक स्वतंत्रता है, लेकिन इसे आम नागरिकों के बिना किसी व्यवधान के रहने और काम करने के अधिकारों के साथ संतुलित किया जाना चाहिए। राज्यसभा सांसद ने कहा कि दक्षिण मुंबई न केवल राज्य के शासन का केंद्र है, बल्कि इसका राजनीतिक और आर्थिक केंद्र भी है। उन्होंने बताया कि दक्षिण मुंबई में महाराष्ट्र सरकार का सचिवालय, विधानसभा, बृहन्मुंबई नगर निगम मुख्यालय, मुंबई और महाराष्ट्र पुलिस के मुख्यालय और पश्चिमी नौसेना कमान स्थित हैं। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र वित्तीय संस्थानों का केंद्र भी है और यहां कॉर्पोरेट मुख्यालय और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा मौजूद है, जिस पर लाखों लोग प्रतिदिन निर्भर हैं। इसलिए दक्षिण मुंबई के उच्च-सुरक्षा, उच्च-कार्यशील क्षेत्रों से ऐसे विरोध प्रदर्शनों को प्रतिबंधित करने या उन्हें दूर स्थानांतरित करने के लिए आवश्यक कदम जाएं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें