28 नवंबर 2019 को उद्धव ठाकरे ने जब मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उसी समय राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा था कि छह महीने के अंदर विधानमंडल के किसी भी सदन का सदस्य होना आवश्यक है। दरअसल संविधान के अनुच्छेद 164 (4) के तहत किसी भी मंत्री या मुख्यमंत्री को छह महीने के अंदर विधानसभा अथवा विधान परिषद का सदस्य बनना आवश्यक है।
आगामी 27 मई को उद्धव को मुख्यमंत्री बने 6 महीने पूरे हो जाएंगे। लेकिन वे अभी तक किसी सदन के सदस्य नहीं बन पाए हैं। मौजूदा समय में कोरोना महामारी के चलते चुनाव आयोग ने अनिश्चितकाल के लिए सभी तरह के चुनाव रद्द कर दिए हैं। ऐसी परिस्थिति में महाराष्ट्र में राजनीतिक असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
महाराष्ट्र में विधान परिषद के 9 पद रिक्त हैं। यदि 3 मई तक कोरोना वायरस का संकट थम जाता है और लॉकडाउन खत्म हो जाता है तो संभव है कि इन सीटों के लिए चुनाव हों। यदि 15 दिन में चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर 28 मई से पहले विधानपरिषद चुनाव के नतीजे घोषित हो जाएं तो उद्धव ठाकरे चुनाव जीतने पर मुख्यमंत्री पद पर बरकरार रह सकते हैं।
दूसरा विकल्प यह है कि राज्यपाल द्वारा मनोनीत किए जाने वाले 12 सदस्यों में से रिक्त दो में से एक पद पर राज्यपाल उद्धव ठाकरे को एमएलसी मनीनीत कर दें। तीसरा विकल्प है, उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर कुछ दिन बाद फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ लें।