फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उद्धव ठाकरे के मंत्रिपरिषद का विस्तार क्रिसमस से पहले, सीएम समेत 43 मंत्री हो सकते हैं

Fri, 20 Dec 2019 03:20 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
विज्ञापन
Maharashtra Chief Minister Uddhav Thackeray - फोटो : ANI
विज्ञापन

उद्धव ठाकरे नीत महाराष्ट्र मंत्रिपरिषद का विस्तार क्रिसमस से पहले हो सकता है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि मंत्रिपरिषद का विस्तार 23 या 24 दिसंबर को होने की संभावना है। विभागों का आवंटन हो चुका है। कुछ विभागों में तीनों दलों के बीच अदला-बदली हो सकती है।

विज्ञापन


उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ 28 नवंबर को ली थी। उनके साथ शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस तीनों से दो-दो मंत्रियों ने शपथ ली थी। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बनने के दो सप्ताह बाद 12 दिसंबर को महाराष्ट्र सरकार में विभागों के बंटवारे की घोषणा की गई, जिसमें शिवसेना को महत्वपूर्ण गृह विभाग मिला।

शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे को गृह, शहरी विकास, वन, पर्यावरण, बिजली आपूर्ति, जल संरक्षण, पर्यटन, सार्वजनिक प्रतिष्ठानों और संसदीय मामलों का प्रभार सौंपा गया। शिवसेना के अन्य मंत्री सुभाष देसाई को कृषि, उद्योग, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण, बागान, परिवहन, मराठी भाषा और संस्कृति मामलों एवं बंदरगाहों का प्रभार दिया गया।
विज्ञापन


एनसीपी के मंत्री जयंत पाटिल को वित्त एवं योजना, आवास, जन स्वास्थ्य, सहयोग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, श्रम तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग सौंपा गया। एनसीपी के ही मंत्री छगन भुजबल को सिंचाई, ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय, आबकारी, कौशल विकास, खाद्य एवं मादक पदार्थ प्रशासन विभाग दिए गए।

कांग्रेस के मंत्री बालासाहेब थोराट को राजस्व, ऊर्जा, चिकित्सा शिक्षा, स्कूली शिक्षा, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभाग सौंपा गया। कांग्रेस के ही नितिन राउत को पीडब्ल्यूडी, जनजातीय कल्याण, महिला एवं बाल विकास, वस्त्र, राहत एवं पुनर्वास, ओबीसी, वीजेएनटी, विशिष्ट पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग सौंपे गए।

महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री समेत 43 मंत्री हो सकते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि इस पर भी निर्णय लिया जाएगा कि क्या पूर्व मंत्री मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण और पृथ्वीराज चव्हाण दोनों को ठाकरे नीत मंत्रिपरिषद में शामिल किया जाए या फिर इनमें से एक को ही शामिल किया जाए।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें