महाराष्ट्र में लाउडस्पीकर को लेकर शुरू विवाद के बीच शिवसेना भी हिंदुत्व के एजेंडे को धार देने में जुट गई है। शिवसेना अध्यक्ष व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य के आठ पुरातन मंदिरों के जीर्णोद्धार का एलान किया है। उन्होंने सोमवार को कहा कि प्राचीन मंदिरों के जतन और संवर्धन की योजना के तहत पहले चरण में आठ मंदिरों का कायाकल्प किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ठाकरे ने सांस्कृतिक विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद कहा कि आठ पुरातन मंदिरों के जीर्णोद्धार और क्षेत्र के विकास की योजना को इस सप्ताह में प्रशासनिक मंजूरी दे दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जीर्णोद्धार के दौरान मंदिरों को उनके मूल स्वरूप में बनाए रखा जाएगा। इसके अलावा, तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। इस दौरान ठाकरे ने रायगढ़, तोर्तना, शिवनेरी, सुधागढ़, विजयदुर्ग और सिंधुदुर्ग किलों के जीर्णोद्धार की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इन एतिहासिक किलों का विकास मूल सौंदर्यशास्त्र को कम या बदले बिना किया जाना चाहिए।
जब से शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर महाराष्ट्र में महा विकास आघाड़ी सरकार बनाई है, तब से वह भाजपा के निशाने पर है। विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस कहते हैं कि शिवसेना हिंदुत्व की विचारधारा से अलग हो चुकी है। इसलिए शिवसेना का हिंदुत्व केवल कागजी और भाषणों तक सीमित है। इसलिए शिवसेना अजान पर प्रतियोगिता कराने की बात करती है और दिवंगत शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे को जनाब बाला साहेब ठाकरे कहे जाने पर मौन रहती है। वहीं, उद्धव के चचेरे भाई राज ठाकरे ने तीन मई तक मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की चेतावनी देकर एक बार फिर शिवसेने के हिंदुत्व को चुनौती दी है।
इन मंदिरों का होगा जीर्णोद्धार
उद्धव ठाकरे सरकार ने जिन पुरातन मंदिरों के जीर्णोद्धार की योजना बनाई है, उनमें धूतपापेश्वर मंदिर (रत्नागिरी), कोपेश्वर मंदिर (कोल्हापुर), एकवीरा देवी मंदिर (पुणे), गोंडेश्वर मंदिर (नासिक), खंडोबा मंदिर (औरंगाबाद), पुरुषोत्तम भगवान मंदिर (बीड), आनंदेश्वर मंदिर (अमरावती) और शिव मंदिर (गढ़चिरौली) शामिल हैं।