बाल ठाकरे की पत्नी मीनाताई प्रतिमा पर रंग फेंकने वाला आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ है। आरोपी को गुरुवार को मुंबई की एक अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को 20 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने कहा कि उन्हें विक्षिप्त दिमाग वाले व्यक्ति के कृत्य के पीछे के मकसद का पता लगाने की जरूरत है।
पुलिस ने दावा किया कि आरोपी उपेन्द्र पावस्कर कई वर्षों से दादर इलाके में अकेला रह रहा था। वह मानसिक रूप से अस्वस्थ था। पावस्कर को दादर अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे 20 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस ने आरोपी का पता लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरों की जांच की। इसके बाद बुधवार शाम को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। यह गिरफ्तारी दादर के शिवाजी पार्क में मीनाताई ठाकरे की प्रतिमा पर तेल के रंग से दागे जाने के कुछ घंटों बाद की गई।
पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपी एक डिब्बे में लाल रंग लेकर आया था और उसे कहीं फेंक दिया था। उन्हें डिब्बे को ढूंढना है। पुलिस ने आरोपी की हिरासत मांगते हुए तर्क दिया कि उन्हें इस कृत्य के पीछे के उद्देश्य का पता लगाना होगा और यह भी पता लगाना होगा कि क्या मूर्ति को क्षतिग्रस्त करने में कोई और भी शामिल था?
पुलिस ने बताया कि पावस्कर के खिलाफ दादर पुलिस स्टेशन में मारपीट के मामलों के अलावा दो-तीन अन्य गैर-संज्ञेय अपराधों का भी रिकॉर्ड है। आरोपी के खिलाफ शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 298 (किसी भी वर्ग के लोगों के धर्म का अपमान करने के इरादे से पूजा स्थल को नुकसान पहुंचाना या अपवित्र करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मुंबई के शिवाजी पार्क में यह घटना उस समय सामने आई थी, जब एक राहगीर ने सुबह लगभग साढ़े छह बजे देखा कि शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की पत्नी दिवंगत मीनाताई ठाकरे की प्रतिमा और उसके आसपास चबूतरे पर लाल रंग फेंका गया है। मामले की जानकारी मिलते ही उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूटीबी) के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और परिसर की सफाई की। मीनाताई ठाकरे का 1995 में निधन हो गया था। महाराष्ट्र में खासकर शिवसेना और शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच एक बेहद सम्मानित हस्ती हैं।