अपमानजनक टिप्पणी मामले में ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने उन्हें भेजे गए पत्र का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि वह राज्यसभा सांसद रहे हैं और विधानसभा के महत्व को जानते हैं। उनका बयान केवल एक विशिष्ट समूह (शिंदे खेमे) के लिए था, सभी विधायकों के लिए नहीं।
चोर मंडल कहने पर खड़ा हुआ था विवाद
संयज राउत की टिप्पणी पर पिछले महीने उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब उन्होंने राज्य को 'विधिमंडल' (विधानमंडल) को 'चोर-मंडल' करार दिया था। सत्तारूढ़ भाजपा और शिवसेना के विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस सौंपा।