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महाराष्ट्र में छात्रों का आंदोलन क्यों बढ़ा?: सड़कों पर उतरे हजारों युवा; राहुल गांधी ने सरकार को दी चेतावनी

Sun, 06 Sep 2026 11:03 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

महाराष्ट्र में छात्र परीक्षा, भर्ती, हॉस्टल और शिक्षा से जुड़ी कई समस्याओं को लेकर सड़कों पर हैं। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों का भरोसा पूरी व्यवस्था से टूट गया है और उनकी हर मांग जायज है। उन्होंने भाजपा सरकार से तुरंत कार्रवाई करने को कहा। लेकिन सवाल यह है कि आखिर छात्रों का गुस्सा इतना क्यों बढ़ा और सरकार अब क्या कदम उठाएगी?
 
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राहुल गांधी, कांग्रेस नेता - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि महाराष्ट्र में हजारों छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं और इसकी वजह सिर्फ किसी एक परीक्षा या भर्ती का मुद्दा नहीं है। उनके मुताबिक, छात्रों का भरोसा पूरी व्यवस्था से टूट गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को छात्रों की आवाज सुनकर तुरंत कदम उठाना चाहिए, वरना छात्रों की गूंज और तेज होती जाएगी।

छात्रों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है?

राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र हो या राज्य सरकार, भाजपा शासन में हर छात्र परेशान है। उन्होंने पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं के अटकने, शिक्षा की बढ़ती लागत, हॉस्टल की खराब और अमानवीय स्थिति, खराब भोजन और डीबीटी में धोखाधड़ी जैसे मुद्दे गिनाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग यानी एमपीएससी जैसी संवैधानिक संस्था पर नियंत्रण कर उसकी विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाया गया है।

एमपीएससी और भर्ती परीक्षाओं को लेकर क्या विवाद है?

राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए की जा रही उनकी हर मांग जायज है। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की भर्ती परीक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनाई है। इस समिति का मकसद परीक्षा व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित, भरोसेमंद और उम्मीदवारों के लिए बेहतर बनाना है।

सरकार की बनाई समिति किन मुद्दों की जांच करेगी?

सरकार की समीक्षा में पूरी परीक्षा प्रक्रिया को शामिल किया गया है। इसमें प्रश्नपत्र तैयार करने और उनकी जांच, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और सुरक्षित रखरखाव, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था और सुरक्षा, तकनीक का इस्तेमाल, नकल और दूसरी गड़बड़ियों को रोकना, अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल, शिकायतों के समाधान और उम्मीदवारों के पूरे परीक्षा अनुभव की समीक्षा होगी। यानी परीक्षा शुरू होने से लेकर परिणाम और शिकायत निवारण तक पूरी व्यवस्था पर नजर डाली जाएगी।

महाराष्ट्र में छात्रों का आंदोलन क्यों बढ़ा?

महाराष्ट्र में आदिवासी छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों ने हॉस्टल की खराब स्थिति, छात्रों की सुरक्षा और परीक्षा प्रश्नपत्र लीक जैसे मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। इन प्रदर्शनों के बाद राज्य सरकार ने छात्रों की कुछ प्रमुख मांगें स्वीकार कीं और परीक्षा सुधार के लिए नया पैनल बनाने का फैसला किया। इससे साफ है कि आंदोलन का दायरा केवल भर्ती परीक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा और छात्रों की बुनियादी सुविधाएं भी इसका बड़ा हिस्सा हैं।

राहुल गांधी ने सरकार को क्या चेतावनी दी?

राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को छात्रों की आवाज सुनकर तत्काल कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो ‘छात्रों की गूंज’ और तेज होगी और न्याय मिलने तक यह आवाज उठती रहेगी। उनके बयान ने महाराष्ट्र में चल रहे छात्र आंदोलनों को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार द्वारा बनाई गई उच्चस्तरीय समिति छात्रों की शिकायतों और परीक्षा व्यवस्था की खामियों पर कितनी प्रभावी कार्रवाई करती है।
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