अमेरिकी युद्धपोत पर हमला कर ईरान ने अमेरिका को ललकारा,
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भारत में स्थित ईरान के दूतावास ने छह सितंबर, 2026 को एक्स अकाउंट पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी का बयान साझा किया। बयान के मुताबिक, आईआरजीसी की एयरोस्पेस फोर्स ने अमेरिकी सेना के एक विमानवाहक पोत और एक विध्वंसक पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। ईरान ने आरोप लगाया कि दोनों अमेरिकी युद्धपोत ईरानी जहाजों को परेशान कर रहे थे और ईरान की नौसैनिक नाकाबंदी में हिस्सा ले रहे थे।
ईरान ने अमेरिकी सेना को बच्चों की हत्या करने वाली क्यों बताया?
आईआरजीसी ने अपने बयान में अमेरिकी सेना को खूब सुनाया। उसने अमेरिकी सेना को आक्रामक और बच्चों की हत्या करने वाली अमेरिकी सेना बताया। ईरानी संगठन ने दावा किया कि मिसाइल हमले के बाद दोनों अमेरिकी युद्धपोतों को नुकसान पहुंचा और आगे के हमले के डर से उन्हें मुठभेड़ वाले इलाके से भागना पड़ा। बयान में अमेरिका की क्षेत्रीय सैन्य मौजूदगी को भी निशाना बनाया गया।
अमेरिका के झूठे गौरव को लेकर ईरान ने क्या कहा?
ईरान ने अमेरिका को आक्रामक दुश्मन बताते हुए कहा कि वह कई वर्षों से क्षेत्र में अपनी मौजूदगी को लेकर घमंड करता रहा है। आईआरजीसी के मुताबिक, अमेरिकी पक्ष को अब आधिकारिक रूप से यह स्वीकार करना पड़ा कि उसके दो नौसेना युद्धपोत हमले की चपेट में आए। ईरानी संगठन ने इस घटनाक्रम को अमेरिकी रणनीतिक हार बताया और कहा कि इससे आईआरजीसी की हमला करने की क्षमता सामने आती है।
आईआरजीसी ने अपनी सैन्य ताकत को लेकर क्या कहा?
आईआरजीसी ने कहा कि वह और ईरान की दूसरी सशस्त्र सेनाएं देश की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह दृढ़ हैं। संगठन ने दावा किया कि ईरानी जनता की मौजूदगी और उसके लड़ाकों का लगातार प्रतिरोध अमेरिका को अपने कथित उद्देश्यों में सफल नहीं होने देगा। यानी ईरान ने अपने बयान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि अमेरिकी दबाव के बावजूद वह पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है।
अमेरिका को ईरान ने क्या सीधी धमकी दी?
आईआरजीसी ने साफ चेतावनी दी कि अगर अमेरिका की ‘शत्रुतापूर्ण और आक्रामक कार्रवाई’ जारी रहती है तो उसे ईरानी सशस्त्र बलों की ‘विनाशकारी प्रतिक्रिया’ का सामना करना पड़ेगा। बयान में ईरान ने खुद को पहले से ज्यादा मजबूत बताया और कहा कि जीत उसके दृढ़ लोगों की होगी, जबकि हमलावरों के लिए हार और पछतावा तय है। इस भाषा से दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
क्या यह बयान ईरान-अमेरिका तनाव को और बढ़ा सकता?
ईरान के इस बयान में अमेरिका के खिलाफ सिर्फ सैन्य कार्रवाई का दावा नहीं है, बल्कि बेहद आक्रामक राजनीतिक और सैन्य संदेश भी है। अमेरिकी युद्धपोतों पर हमले के दावे के साथ ईरान ने अमेरिकी जहाजों पर ईरानी जहाजों को परेशान करने का आरोप लगाया है। साथ ही उसने अगली अमेरिकी कार्रवाई की स्थिति में और कड़े जवाब की धमकी दी है। ऐसे में यह बयान क्षेत्र में पहले से जारी तनाव के बीच दोनों देशों के बीच टकराव को और गंभीर बनाने वाला संदेश माना जा रहा है।