बता दें कि इससे पहले महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने बीते सोमवार को विपक्षी दल भाजपा के उस दावे को खारिज किया था जिसमें कहा गया था कि राज्य सरकार में शामिल दलों के बीच मतभेदों के कारण दरार आ गई है। हालांकि सीएम ठाकरे ने उसके उलट दावा किया कि सहयोगी दलों में अच्छा समन्वय बना हुआ है।
उन्होंने यह बात सत्तारूढ़ महा विकास अघाड़ी सरकार के विधायकों की बैठक को संबोधित करते हुए कही थी। उन्होंने कहा था कि बीते तीन महीनों में सहयोगी दलों के मध्य अच्छा तालमेल और सहयोग रहा है। इसके और मजबूत बनाने की आवश्यकता है।
कांग्रेस विधायक रहे थे गैर हाजिर
महाराष्ट्र सरकार के घटक दलों में मतभेद का संकेत बजट सत्र से पहले आयोजित पत्रकार सम्मेलन में कांग्रेस विधायकों की गैरहाजिरी से मिला था। इससे लगा कि सरकार में शामिल दलों के बीच सब कुछ सही नहीं चल रहा है। हालांकि इस बैठक में राकांपा विधायक मौजूद थे।
गौरतलब है कि भाजपा नेता नारायण राणे ने दावा करते हुए कहा था कि राज्य सरकार केवल तीन दिनों की मेहमान है। ये तीनों दल केवल सत्ता और पद के लिए आपस में मिले हैं। इस पर शिवसेना ने कठोर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि राणे को अपनी ही किस्मत का पता नहीं है तो ऐसे में दूसरों की किस्मत क्या बताएंगे। इससे पहले भाजपा नेता और पूर्व सीएम फडणवीस ने भी प्रदेश सरकार पर व्यंग्य करते हुए कहा था कि ये दल आपस में तो बात करते नहीं, विपक्ष से क्या बात करेंगे।