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महाराष्ट्र: शिवसेना की संघ को दो टूक, कहा- पूर्व सीएम फडणवीस ही रहेंगे विपक्ष के नेता

Tue, 25 Feb 2020 05:20 PM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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Shivsena - फोटो : Shivsena
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महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महाविकास अघाढ़ी की सरकार के प्रमुख घटक दल शिवसेना ने मंगलवार को साफ कर दिया कि प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ही विपक्ष के नेता रहेंगे। शिवसेना ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से आए उस बयान की आलोचना की जिसमें कहा गया था कि भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस लंबे समय तक विपक्ष में नहीं रहेंगे।

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शिवसेना ने महाराष्ट्र में ऐसे किसी भी तरह के परिवर्तन की संभावना से इनकार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से कहा है कि वह अपना काम करना जारी रखें। फडणवीस विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं।

बता दें कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी ने हाल ही में कहा था कि देवेंद्र फडणवीस केवल सीमित अवधि के लिए महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री रहेंगे।
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शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में कहा कि आरएसएस के नेता भैयाजी जोशी ने नागपुर में एक निराधार बयान दिया है कि देवेंद्र फडणवीस लंबे समय तक विपक्ष में नहीं रहेंगे और उनके नाम के साथ लगा उपसर्ग 'पूर्व' जल्द ही खत्म हो जाएगा।

सामना में शिवसेना की ओर से कहा गया कि इस टिप्पणी से विपक्षी दल मानसिक रूप से खुश हो सकते हैं, लेकिन महाराष्ट्र में ऐसा कुछ भी नहीं होगा। इसलिए, देवेंद्र जी हम आपसे केवल यह कह सकते हैं कि विपक्ष के नेता के रूप में अपना काम जारी रखें।

सीएम उद्धव ने नकारी थी मतभेद की बात

बता दें कि इससे पहले महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने बीते सोमवार को विपक्षी दल भाजपा के उस दावे को खारिज किया था जिसमें कहा गया था कि राज्य सरकार में शामिल दलों के बीच मतभेदों के कारण दरार आ गई है। हालांकि सीएम ठाकरे ने उसके उलट दावा किया कि सहयोगी दलों में अच्छा समन्वय बना हुआ है।

उन्होंने यह बात सत्तारूढ़ महा विकास अघाड़ी सरकार के विधायकों की बैठक को संबोधित करते हुए कही थी। उन्होंने कहा था कि बीते तीन महीनों में सहयोगी दलों के मध्य अच्छा तालमेल और सहयोग रहा है। इसके और मजबूत बनाने की आवश्यकता है।

कांग्रेस विधायक रहे थे गैर हाजिर
महाराष्ट्र सरकार के घटक दलों में मतभेद का संकेत बजट सत्र से पहले आयोजित पत्रकार सम्मेलन में कांग्रेस विधायकों की गैरहाजिरी से मिला था। इससे लगा कि सरकार में शामिल दलों के बीच सब कुछ सही नहीं चल रहा है। हालांकि इस बैठक में राकांपा विधायक मौजूद थे।
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राणे के दावे पर ठाकरे का पलटवार

गौरतलब है कि भाजपा नेता नारायण राणे ने दावा करते हुए कहा था कि राज्य सरकार केवल तीन दिनों की मेहमान है। ये तीनों दल केवल सत्ता और पद के लिए आपस में मिले हैं। इस पर शिवसेना ने कठोर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि राणे को अपनी ही किस्मत का पता नहीं है तो ऐसे में दूसरों की किस्मत क्या बताएंगे। इससे पहले भाजपा नेता और पूर्व सीएम फडणवीस ने भी प्रदेश सरकार पर व्यंग्य करते हुए कहा था कि ये दल आपस में तो बात करते नहीं, विपक्ष से क्या बात करेंगे।
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