महाराष्ट्र किसानों की हड़ताल के समर्थन में अब शिवसेना उतर आयी है। शिवसेना ने सोमवार को विभिन्न किसान समूहों की ओर से आयोजित "महाराष्ट्र बंद" में भी उनके साथ भाग लिया। शिवसेना ने एक बार फिर सरकार और उसके कार्यों के साथ अपने तनावपूर्ण रवैये को उजागर किया है। मामले में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि किसानों की हड़ताल में भाग लेने वाले किसानों की लड़ाई की शुरुआत है। बता दें कि शिवसेना और सपा दोनों राज्य में फडनवीस सरकार का हिस्सा हैं लेकिन दोनों ही बार- बार भाजपा से अपने विवाद को उजागर कर रही हैं।
सिवसेना ने न केवल बंद में सक्रिय रूप से भाग लिया बल्कि उन्होंने पश्चिमी महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कई हिस्सों में सड़क जाम भी किया। इसके अलावा उन्होंने कोल्हापुर में आधे घंटे के लिए मुंबई-बेंगलुरु राजमार्ग को भी रोक रखा और सरकार के खिलाफ नारे उठाए। मामले में दो विधायकों और कई अन्य शिवसेना के नेताओं को हिरासत में लिया गया है। हालांकि बाद में उन्हें रिहा भी कर दिया गया है।
इसके अलावा स्वाभिमानी पक्ष ने भी कोल्हापुर के एक साप्ताहिक बाजार के कामकाज को रोक कर रखा और कोल्हापुर और सांगली दोनों में कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही पार्टी प्रमुख राजू शेट्टी के नेतृत्व में एक रैली भी निकाली।
आपको बता दें कि महाराष्ट्र में कर्ज से वंचित किसान ने अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे हैं। दरअसल, मामला कर्ज माफी का है। किसानों ने इस संबंध में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से पूर्ण कर्ज माफी की मांग की, जिस पर मुख्यमंत्री ने एक महीने का वक्त मांगा था।