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Maharashtra: आरक्षण को लेकर मतभेद पर शरद पवार ने जताई चिंता, कहा- सरकार को सबसे बात करने की जरूरत

Sat, 27 Jul 2024 05:10 PM IST
मेघा झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

एनसीपी एसपी प्रमुख पवार ने महाराष्ट्र में आरक्षण को लेकर चल रहे विवाद पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार को हितधारकों के साथ खुलकर बात करनी चाहिए।
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शरद पवार - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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समुदायों के बीच आरक्षण के मुद्दे को लेकर शरद पवार ने चिंता जताते हुए कहा कि महाराष्ट्र सरकार को हितधारकों के साथ बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एक समूह के लोगों के साथ बातचीत करते हैं, और सरकार के अन्य लोग दूसरे समूहों के साथ बातचीत करते हैं। इसके चलते दोनों में गलतफहमी पैदा हो रही है। 
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महाराष्ट्र में इन दिनों आरक्षण के मुद्दे को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। इस पर एनसीपी एसपी प्रमुख पवार ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार को हितधारकों के साथ खुलकर बात करनी चाहिए। पवार ने कहा कि उन्होंने हाल ही में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ अपनी प्रतिक्रिया साझा की जो कि बातचीत के पक्ष में थी। उन्होंने कहा, "कोटा को लेकर हितधारकों के साथ जो बातचीत होनी चाहिए थी, वह नहीं हुई है। मुख्यमंत्री एक समूह के लोगों से बात करते हैं, जबकि सरकार में अन्य लोग अलग-अलग समूहों के साथ बातचीत करते हैं। इससे गलतफहमी पैदा होती है।"

शरद पवार ने कहा कि सरकार को मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे, छगन भुजबल और ओबीसी आरक्षण की मांग कर रहे अन्य लोगों को बातचीत के लिए बुलाना चाहिए।" दरअसल मनोज जरांगे उस मसौदा अधिसूचना के क्रियान्वयन की मांग कर रहे हैं, जिसमें कुनबियों को मराठों का ऋषि सोयारे या रक्त संबंधी माना गया है। उन्हें ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण दिया गया है। कुनबियों को ओबीसी के रूप में कोटा लाभ मिलता है।
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वहीं मंत्री छगन भुजबल सहित ओबीसी सदस्य इस आरक्षण की मांग के बाद परेशान नजर आए। उन्होंने सरकार से जोर देकर कहा है कि उनके कोटे को कम नहीं किया जाना चाहिए। शरद पवार ने कहा कि वह कोटा मुद्दे पर समुदायों के बीच आई दरार से चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि मनोज जारंगे ने कहा है कि लिंगायत, मुस्लिम और धनगर समुदाय को भी आरक्षण दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरक्षण को लेकर सही मायने में बातचीत होनी चाहिए। अगर ऐसा किया जाता है, तो समाज में कोई कड़वाहट नहीं होगी। 

सीट बंटवारे को लेकर चर्चा शुरू, सर्वसम्मति से होगा फैसला
विधानसभा चुनावों से पहले अपनी पार्टी शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस से मिलकर बनी महा विकास अघाड़ी के बीच सीट बंटवारे के बारे में शरद पवार ने कहा कि गठबंधन सहयोगियों ने चर्चा के लिए कुछ नाम सुझाए हैं। उन्होंने बताया कि इस बात पर सहमति बनी है कि सीट बंटवारे पर फैसला सर्वसम्मति से लिया जाएगा। शरद पवार ने कहा, "मैंने यह भी कहा है कि पिछले लोकसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं मांगने वाले वाम दलों को भी आगामी विधानसभा चुनाव में सीट मिलनी चाहिए। सीट बंटवारे पर बातचीत संसद के मौजूदा सत्र के बाद होगी।" 

आगामी चुनाव के कारण योजनाओं की हुई घोषणा 
एनसीपी एसपी प्रमुख ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में कई घोषणाएं की है। उन्होंने कहा, "लोग कहते हैं कि 'लड़की बहिन' और 'लड़का भाऊ' योजनाओं की घोषणा सिर्फ इसलिए की गई क्योंकि विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। ये योजनाएं एक या दो किस्तों में खत्म हो सकती हैं।" बता दें कि लड़का भाऊ कार्यक्रम के तहत, 12वीं पास नौकरी चाहने वालों को 6,000 रुपये, डिप्लोमा धारकों को 8,000 रुपये और स्नातक की डिग्री वालों को 10,000 रुपये का मासिक वजीफा मिलेगा। लड़की बहिन योजना के अनुसार, पात्र महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये मिलेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी पर भी साधा निशाना
उन्होंने पीएम मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ऐसी योजनाओं पर अपना रुख स्पष्ट करें। उन्होंने कहा, "हम बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने पर जो राशि खर्च करते हैं, यह तो ठीक है। लेकिन मोदी ने पहले कहा था कि ऐसी योजनाओं से अर्थव्यवस्था मजबूत नहीं होगी। अब उन्हें इन योजनाओं के प्रभाव पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।" 
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