Maharashtra: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने कहा कि 78 साल में कई प्रधानमंत्री और कई मुख्यमंत्री हुए। लेकिन जो शिंदे ने कर दिखाया वह काम कोई नहीं कर पाया। उन्होंने कहा कि गाय हिंदुओं की न सिर्फ माता, बल्कि आत्मा है। राष्ट्रीय चिह्न और सिंगोल में बैल की छवि अंकित है। फिर भी देश में गौ हत्या होती है।
महाराष्ट्र सरकार की ओर से गाय को राज माता का दर्जा देने के लिए ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पीठ थपथपाई है। उन्होंने सोमवार को कहा कि एकनाथ शिंदे ने वह कर दिखाया जो भारत के भविष्य का संकेत है। मुंबई के उपनगर ठाणे में आयोजित सनातन राष्ट्र सम्मेलन में धर्माचार्यों, साधु - संतों ने मांग की कि अब केंद्र सरकार भी गाय को राष्ट्रमाता घोषित करे।
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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने कहा कि 78 साल में कई प्रधानमंत्री और कई मुख्यमंत्री हुए। लेकिन जो शिंदे ने कर दिखाया वह काम कोई नहीं कर पाया। उन्होंने कहा कि गाय हिंदुओं की न सिर्फ माता, बल्कि आत्मा है। राष्ट्रीय चिह्न और सिंगोल में बैल की छवि अंकित है। फिर भी देश में गौ हत्या होती है। उसकी बात करना देश में अपराध हो गया है। गाय को राज माता का दर्जा देकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने करोड़ों बहुसंख्यकों की भावना आदर किया है। हमें बहुत प्रसन्नता हुई है। हम उनको ढेर सारा आशीर्वाद देते हैं। शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री शिंदे को सनातन धर्म संरक्षक उपाधि का ताम्रपत्र प्रदान किया। शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक और स्थानीय शिवसेना नेता विक्रम प्रताप सिंह की ओर से मीरा रोड में अनिरुद्धाचार्य महाराज की तीन दिन दिवसीय भागवत सत्संग कथा के अंतिम दिन राष्ट्रीय सनातन सम्मेलन आयोजित किया गया। सोमवार को आखिरी दिन ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती जी महाराज, जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री वासुदेवाचार्य विद्या भास्कर जी, महाराज गजानन ज्योतकर गुरुजी, स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज भी सत्संग में शामिल हुए। सम्मेलन में बतौर अतिथि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उद्योग मंत्री उदय सामंत उपस्थित थे।
उद्धव को फिर देखना चाहते थे मुख्यमंत्री अब शिंदे को दे दिया आशीर्वाद
इसी साल जून महीने में शंकराचार्य स्वामी अतिमुक्तेश्वरानंद महाराज ने शिवसेना उद्धव प्रमुख उद्धव ठाकरे के घर मातोश्री गए थे। तब उन्होंने कहा था कि उद्धव ठाकरे के साथ विश्वास घात हुआ है। सनातन धर्म विश्वासघात बहुत बड़ा पाप है। लोग एक बार फिर उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। उनका यह बयान ठाकरे के लिए तिनके का सहारा माना जा रहा था लेकिन सोमवार को शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री शिंदे को आशीर्वाद दे दिया। शंकराचार्य ने कहा कि मेरे इस कथन को इस व्यक्ति (शिंदे) ने अपनी आलोचना नहीं समझा बल्कि उसे गंभीरता से लिया और मुझसे संपर्क किया। मैंने उनसे गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग की। अपने अधिकार क्षेत्र में उन्होंने गाय को राजमाता का दर्जा दे दिया है। इससे हम बहुत प्रसन्न है। वे सारे दोष से मुक्त और निर्मल हो गए हैं। मैं किसी पार्टी का समर्थक या विरोधी नहीं हूं। देश, सनातन, संस्कृति, धर्म और जनता का जो काम करेगा, उसे मेरा आशीर्वाद मिलेगा।
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बहुसंख्यकों की भावना का सम्मान करें अल्पसंख्यक
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि शिंदे सरकार के इस निर्णय की आलोचना भी शुरू हो जाएगी। लेकिन अल्पसंख्यकों को बहुसंख्यको की भावना का आदर करना होगा। वरना 56 देश उनके हैं। वहां की राह देख सकते हैं। महाराज ने कहा कि गाय को राजमाता घोषित करने से देश की संस्कृति में निखार आएगा और भारत विश्व गुरु बन जाएगा।