भारत का दूसरा वर्ल्ड टॉयलेट कॉलेज महाराष्ट्र के औरंगाबाद में बनाया गया है। यह शनिवार से शुरू हो चुका है। यहां 45 स्वच्छता कर्मियों को तीन सप्ताह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान उन्हें साफ सफाई के विभिन्न तरीकों के बारे में बताया जाएगा।
कर्मियों को ड्रेस पहनने का कारण, उपकरणों को इस्तेमाल करने के तरीके भी सिखाए जाएंगे। बता दें इसके लिए उनसे कोई पैसे नहीं लिए जाएंगे। यह प्रशिक्षण पूरी तरह से मुफ्त दिया जा रहा है।
इसलिए शुरू हुए कॉलेज
ऐसा ही एक टॉयलेट कॉलेज ऋषिकेश में भी है। जो कि साल 2015 से ही शुरू हो चुका है। ये कॉलेज इसलिए शुरू किए गए हैं ताकि सफाई कर्मियों को इस काम से होने वाले खतरों के प्रति आगाह किया जा सके। दरअसल अन्य लोगों की तुलना में सफाई कर्मियों का जीवनकाल 10 फीसदी कम होता है। ये काम करते हुए वह कई गंभीर रोगों से पीड़ित हो जाते हैं।