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महाराष्ट्र : दानवे की टिप्पणी पर राउत ने भाजपा से कहा, 'सर्जिकल स्ट्राइक' करें

Sun, 13 Dec 2020 11:02 PM IST
दीप्ति मिश्रा पीटीआई, नासिक
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शिवसेना नेता संजय राउत - फोटो : ANI
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केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे की टिप्पणी को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए शिवसेना सांसद संजय राउत ने केंद्र से इस बाबत 'सर्जिकल स्ट्राइक' करने को कहा। दानवे ने आरोप लगाया था कि दिल्ली में जारी किसान आंदोलन के पीछे चीन और पाकिस्तान का हाथ था। दानवे के इस बयान के बाद विभिन्न वर्गों ने उनके खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

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राउत ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा कि भाजपा कह रही है कि नई दिल्ली में हो रहे किसान आंदोलन के पीछे चीन और पाकिस्तान हैं। रक्षा मंत्री भाजपा से संबंधित हैं। इस बाबत भाजपा को सर्जिकल स्ट्राइक करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बल का उपयोग करने के बावजूद पंजाब और हरियाणा के प्रदर्शनकारी किसान अपनी जगह पर डटे हुए हैं।

राउत ने कहा कि यदि केंद्र सरकार किसानों के कल्याण के लिए दो कदम पीछे हटती है तो इससे उसके मूल्यों में गिरावट नहीं होगी। सरकार को दोबारा इन कानूनों पर लोकसभा में बहस करानी चाहिए और किसानों की उम्मीदों के अनुसार दोबारा इन कानूनों को प्रस्तुत करना चाहिए।
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केंद्र सरकार पर विपक्षी दलों के नेताओं को निशाना बनाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए शिवसेना नेता ने कहा, '' सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों को भाजपा कार्यकर्ताओं की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए। मेरे पास भाजपा के 120 लोगों की सूची है, जिन्हें मैं जल्द ही ईडी को सौंप दूंगा।''

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दानवे, गोयल के बयानों पर स्पष्टीकरण दें प्रधानमंत्री: एनसीपी

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कुछ केंद्रीय मंत्रियों के उन दावों पर स्पष्टीकरण देना चाहिए, जिसमें उन लोगों ने कहा है कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के आंदोलन को पाकिस्तान, चीन और माओवादियों का समर्थन हासिल है। एनसीपी प्रवक्ता महेश तपासे ने कहा कि प्रदर्शनकारी किसानों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के बजाए केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे और पीयूष गोयल ने आंदोलन को बदनाम करने के लिए विवादास्पद बयान दिए हैं।

गोयल ने शनिवार को कहा था कि आंदोलन अब किसानों का नहीं रहा क्योंकि इसमें ‘वामपंथी और माओवादी तत्व घुस आए हैं’, जो राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में जेल में बंद लोगों की रिहाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि यह स्पष्ट रूप से सरकार द्वारा लाए गए कृषि सुधारों को पटरी से उतारने का प्रयास है। दानवे ने कुछ दिनों पहले यह कहकर विवाद पैदा कर दिया था कि कृषकों के आंदोलन में चीन और पाकिस्तान का हाथ है, जिसका विभिन्न वर्गों ने कड़ा प्रतिवाद किया था।
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