राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कुछ केंद्रीय मंत्रियों के उन दावों पर स्पष्टीकरण देना चाहिए, जिसमें उन लोगों ने कहा है कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के आंदोलन को पाकिस्तान, चीन और माओवादियों का समर्थन हासिल है। एनसीपी प्रवक्ता महेश तपासे ने कहा कि प्रदर्शनकारी किसानों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के बजाए केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे और पीयूष गोयल ने आंदोलन को बदनाम करने के लिए विवादास्पद बयान दिए हैं।
गोयल ने शनिवार को कहा था कि आंदोलन अब किसानों का नहीं रहा क्योंकि इसमें ‘वामपंथी और माओवादी तत्व घुस आए हैं’, जो राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में जेल में बंद लोगों की रिहाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि यह स्पष्ट रूप से सरकार द्वारा लाए गए कृषि सुधारों को पटरी से उतारने का प्रयास है। दानवे ने कुछ दिनों पहले यह कहकर विवाद पैदा कर दिया था कि कृषकों के आंदोलन में चीन और पाकिस्तान का हाथ है, जिसका विभिन्न वर्गों ने कड़ा प्रतिवाद किया था।