सरकार भले ही लिंगानुपात को दुरुस्त करने में लगी हुई है लेकिन महाराष्ट्र में लिंगानुपात की स्थिति और ज्यादा खराब होती जा रही है।
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राज्य के स्वास्थ्य विभाग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में महाराष्ट्र के लिंगानुपात 2016 में आठ अंकों की गिरावट आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 1,000 लड़कों पर प्रति नवजात लड़कियों का अनुपात 2015 में 907 से घटकर 2016 में 899 हो गया।
जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम के तहत सिविल पंजीकरण प्रणाली पर आधारित यह रिपोर्ट बताती है कि पुणे जिले में लिंगानुपात में 2014 तक बढ़ोतरी देखी गई था। हालांकि 2015 में यह 891 हो गया और 2016 में 53 प्वाइंट गिरकर 838 पर पहुंच गया।
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अगर महाराष्ट्र के जिलों की बात करें तो लिंगानुपात में सबसे ज्यादा गिरावट वाशिम जिले में देखी गई है। यहां ये 64 प्वाइंट गिर गया है। जबकि लिंगानुपात में गिरावट के मामले में पुणे और उस्मानाबाद जिलों का 53 प्वाइंट नीचे गिरकर दूसरा स्थान है।