महाराष्ट्र में 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए महाविकास अघाड़ी में चर्चा जारी है। शिवसेना (यूबीटी) ने विधायकों की संख्या के आधार पर इकलौती सीट पर अपना दावा ठोका है। आदित्य ठाकरे और संजय राउत का कहना है कि फैसला सबकी सहमति से होगा, लेकिन सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते उनका दावा मजबूत है।
महाराष्ट्र में राज्यसभा की सात सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव होने हैं। इसी दिन वोटों की गिनती भी की जाएगी। इन चुनावों को लेकर महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के भीतर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने सोमवार को साफ किया कि गठबंधन के दलों के बीच बातचीत में कोई रुकावट नहीं है। उन्होंने कहा कि जीतने लायक इकलौती सीट उनकी पार्टी को मिलनी चाहिए क्योंकि उनके पास विधायकों की जरूरी संख्या है।
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आदित्य ठाकरे ने क्या कहा?
आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि सभी पार्टियां आपस में लगातार चर्चा कर रही हैं। ठाकरे के अनुसार, विधायकों की संख्या और गठबंधन की रोटेशन पॉलिसी के हिसाब से यह सीट शिवसेना (यूबीटी) के खाते में ही जानी चाहिए। उन्होंने इस सीट पर अपनी पार्टी का दावा मजबूती से पेश किया है।
संजय राउत ने क्या कहा?
पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने भी इस मुद्दे पर अहम जानकारी दी। रिपोर्टर्स से बात करते हुए, उन्होंने कहा कि 16 मार्च के चुनाव से पहले गठबंधन में मंथन चल रहा है। राउत ने जोर दिया कि शिवसेना (यूबीटी) विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए इस फैसले में उसका स्टैंड बहुत अहम होगा। उन्होंने बताया कि पूर्व सांसद राजन विचारे और विनायक राउत ने पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे से मिलकर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। ये दोनों नेता 2024 का लोकसभा चुनाव हार गए थे।
किस पार्टी के पास कितने विधायक?
महाराष्ट्र में सत्ताधारी महायुति के पास विधायकों का भारी समर्थन है। इस संख्या बल के कारण विपक्षी गठबंधन एमवीए संसद के ऊपरी सदन के लिए केवल एक सदस्य ही चुन पा रहा है। हालांकि, एमवीए के तीनों घटक दलों शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार) ने इस इकलौती सीट पर अपना दावा किया है। अगर आंकड़ों को देखें तो शिवसेना (यूबीटी) के पास 20 विधायक हैं, कांग्रेस के पास 16 और एनसीपी (शरद पवार) के पास 10 विधायक हैं।
इन नेताओं का खत्म हो रहा कार्यकाल
अप्रैल में कई बड़े नेताओं का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो रहा है। इनमें शरद पवार, प्रियंका चतुर्वेदी, फौजिया खान, रामदास अठावले, भागवत कराड, रजनी पाटिल और धैर्यशील पाटिल शामिल हैं। संजय राउत ने बताया कि शरद पवार एक और कार्यकाल के लिए इच्छुक हैं। इस विषय पर उद्धव ठाकरे और एनसीपी (एसपी) नेता जयंत पाटिल के बीच चर्चा भी हुई है। राउत ने कहा कि जो भी फैसला होगा, वह सबकी सहमति से लिया जाएगा। शिवसेना (यूबीटी) एक क्षेत्रीय पार्टी है और वह चाहती है कि ऊपरी सदन में उसके कम से कम दो प्रतिनिधि जरूर हों।